मानिकपुर(चित्रकूट)। वन अग्नि सुरक्षा एवं जागरुकता अभियान गोष्ठी का आयोजन रेंज परिसर मानिकपुर में हुआ। जिसमें जंगलों व घरों व फसलों में लगने वाली आग से बचाव को लेकर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने कहा कि यह एक दो माह बहुत संवेदनशील है। यदि वनस्पति नहीं होगी तो जीवन नहीं होगा। आक्सीजन के बिना नहीं रह सकते। सभी को सहयोग से अग्नि की घटनाओं को रोका जा सकता है। महुआ बीनते वक्त पत्तियों में आग न लगाएं, इसी से खाद बनाएं।
छोटी से लापरवाही बहुत बड़ी चूक हो सकती है। मानिकपुर में अस्थायी रूप से अग्निशमन की गाड़ियां रखी जाएंगी। जिसके लिए घर-घर जल योजना शुरू की गई है। हम सब मिलकर जंगल की आग लगाने से बचा लेंगे। डीएफएओ आरके दीक्षित ने कहा कि जंगल में जीव जंतु रहते है, जिन्हें बचाना होगा।
जंगल सबका है, इसे बचाना होगा। लोग बीड़ी सिगरेट जलाकर फेंक देते है, जिससे आग लग जाती है। बताया कि टाइगर रिजर्व बन जाएगा तो बहुत सी सुविधाएं मिल जाएगी। पर्यटकों की संख्या बढे़गी। मऊ सीओ सुबोध गौतम ने बताया कि गांव के प्रधान आग की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं।
इस दौरान उप जिलाधिकारी प्रमेश श्रीवास्तव, डीपीआरओ तुलसी राम, खंड विकास अधिकारी सुनील सिंह, अग्निसमन अधिकारी लालजी मिश्रा, ब्लाल प्रमुख अरविंद मिश्र, डीपीआरओ तुलसीराम, खंड विकास अधिकारी सुनील सिंह, अग्नि शमन अधिकारी लाल जी मिश्रा आदि मौजूद रहे।
पट्टी पहाड़ के जंगल में लगी आग
भरतकूप। क्षेत्र के घुरेटनपुर के पास स्थित पट्टी पहाड़ के जंगल में रविवार को आग लग गई। दिन भर आग का धुआं पहाड़ से उठता रहा। पहाड़ से आग की लपटें भी दिखती रहीं। शाम को लगी आग बुझ गई। वहीं जिला मुख्यालय से सटे मध्यप्रदेश सीमा के देवांगना के जंगल में लगी आग दूसरे भी सुलगती रही।
गर्मी आते ही आग की घटनाएं इस समय बढ़ने लगी है। रविवार दोपहर भरतकूप क्षेत्र के घुरेटनपुर के पट्टी पहाड़ में भी आग लपटें उठती देखी गईं। इसके बाद पहाड़ से धुआं उठ रहा था। जो शाम होते होते आग बुझ गई। जिससे आसपास के गांव के निवासी राहत की सांस ली। देवांगना पहाड़ में लगी आग को बुझाने के लिए अग्निशमन की तीन गाड़ियां पहुंचीं और किसी तरह आग बुझाई। इसके बाद भी आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पा सके। दूसरे दिन भी आग झुलसती देखी गई।