जिला विद्यालय निरीक्षक प्रेमप्रकाश मौर्य ने संस्कृत कालेज में नकल के मामले में जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा है कि कापी लेकर भागने और कापियों की संख्या जस की तस होने पर यह जिम्मेदारी कक्ष निरीक्षक की बनती है। केंद्र व्यवस्थापक को इसके खिलाफ रिपोर्ट कराने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को तरौंहा के जयदेव दास वैष्णव संस्कृत महाविद्यालय में पहली पाली की परीक्षा के दौरान कुछ छात्रों ने कथित रूप से नकल कराए जाने की शिकायत की थी। इन छात्रों का आरोप था कि उन लोगों ने नकल का विरोध किया तो उनकी कापियां फाड़ने की कोशिश की गई।
इसके बाद ये लोग परीक्षा छोड़कर चले आए। आस्तिक संस्कृत महाविद्यालय औदहा के इन छात्रों का आरोप है कि कालेज में नकल हो रही है और चार सौ रुपए नकल कराने के नाम पर वसूले जा रहे हैं। बीते रोज कालेज में 265 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे थे, जिसमें विशाल कक्ष में 112 छात्र परीक्षा में मौजूद थे।
इसी कक्षा में नकल होने की शिकायत की गई थी। इसी कक्ष का एक छात्र कापी लेकर भाग गया था और दो छात्रों ने कापी फाड़ दी थी। इसके बाद भी कालेज में परीक्षा की कापियां पूरी दिखाई गई।
प्रधानाचार्य रामजस ओझा से बात की गई तो उनका कहना था कि बवाल से बचने के लिए कापियां पूरी कर ली गईं। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रेम प्रकाश मौर्य ने बताया कि यह मामला संज्ञान में आया है।
इसमें कक्ष निरीक्षकों की गलती मिली है। ऐसे में केंद्र व्यवस्थापक को कक्ष निरीक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच कराई जाएगी और जांच में केंद्र व्यवस्थापक दोषी पाए गए तो उन पर भी कार्रवाई होगी।