फोटो - 17- सरैंया गांव में ओलावृष्टि से बर्बाद फसल का दर्द बताता पीड़ित किसान
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सरैंया (चित्रकूट)। बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि से प्रभावित किसान और फसल की तबाही साफ देखने को मिल रही है।
सरैया क्षेत्र से लगे गांव अगरहुणा में अधिकतर किसानों ने चने और तिलहन की फसल की बुआई करते हैं। किसान मनोज सिंह और राजकु मार सिंह ने बताया कि 7 बीघे में चना व सरसों की फसल की बुआई की थी। ओलावृष्टि से फसल नष्ट हो गई। गिरधारा गांव के किसान कमलेश कुमार ने बताया कि सरसों की फसल काटकर खेत में रख दी थी, जो ओला गिरने से नष्ट हो गई।
अरवारा के सूरज लाल ने बताया कि 5 बीघे में चना व गेहूं की बुआई की थी, जो तैयार भी हो गई थी। लेकिन ओले से सब नष्ट हो गया। बांधी गांव के राजेश पटेल, उमेश पटेल ने बताया कि भौरी गांव में किसान गोविंद्र उपाध्याय, प्रेमनारायण ने बताया कि 6 बीघे में गेहूं की फसल बोई थी, जो नष्ट हो गई। खेती से ही परिवार की रोजी रोटी चलती थी।ब्यूर गांव की महिला किसान रामरती ने बताया कि दूसरे किसान के खेत में फसल की बुआई की थी, वह भी नष्ट हो गई।
किसानों के चेहरे से मुस्कान गायब रही। खेतों में नष्ट हुई फसल को एक टक किसान देखकर निहारते रहे। इसमें परिवार की महिलाएं भी शामिल रहीं।
ज्ञात हो कि इस बार वर्ष किसान रबी की फसल में गेहूं, मटर, सरसों आदि की खेतों में लहलहा रही फसलों को देखकर किसान खुशी से फूला नहीं समा रहा था लेकिन ओलावृष्टि से हुए भारी नुकसान के बाद किसानों से मिलने पर ऐसा लगा कि मानो किसानों का सब कुछ नष्ट हो गया।