चित्रकूट। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पत्नी सीमा यादव के साथ रविवार को कामतानाथ की पूजा-अर्चना की। इसके बाद कामदगिरि की परिक्रमा की। उन्होंने कहा कि उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर प्रभु श्रीराम की तपोस्थली का विकास कराएंगे। अधिकारियों को दीपदान मेले में सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के गर्भगृह में प्रवेश के साथ ही सनातनियों का लगभग साढ़े पांच सौ साल का संघर्ष समाप्त हो गया। उसी दिन सनातनियों ने सच्ची दीपावली मनाई थी। चित्रकूट में दो दिन बाद दीपदान मेला शुरू होने वाला है। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। उन्होंने मेले की तैयारियों की समीक्षा भी की है। कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। सीएम ने बराह हनुमान मंदिर की आरती में शामिल हुए। आचार्य विपिन विराट महाराज भी मौजूद रहे।
बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने महाकाल के महालोक से 13 अलग-अलग धामों में निर्माण कार्य प्रारंभ किए है। उज्जैन के महाकाल की तरह चित्रकूट को भी दिव्य बनाया जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार ने एक और निर्णय लिया है, जिसमें सभी त्योहार मिलकर मनाएं जाएंगे।