चित्रकूूट। चित्रकूट के मझगवां- सतना मार्ग पर कस्बे से कुछ दूर पहले शनिवार की रात अचानक सड़क पर बाघ सामने आ गया। यही नहीं बाघ सड़क पर ही बैठ गया जिससे आने जाने वाले वाहनों के ब्रेक लग गए और सड़क के दोनों ओर लंबी कतार लग गई। सभी वाहनों में चुपचाप लाईट बंद कर सामने का नजारा देखते रहे।
इस व्यस्त मार्ग पर हमेशा ही ट्रैफिक बना रहता है। इस रास्ते से रातदिन बराबर वाहन गुजरते हैं। दोनों ओर से आने जाने वाले वाहन में सवार लोगों ने जब बाघ को बीच सड़क पर बैठा देखा तो चुपचाप वाहन रोकर खड़े हो गए। इसी बीच मझगवां रेंजर दीपक राज को सूचना मिली तो फ ौरन अपनी टीम के साथ मौके पर आ पहुंचे। पटाखे फोड़कर जब वनकर्मियों ने टाइगर को भगाने का प्रयास किया तो टाइगर ने वनकर्मियों की ओर मुड़कर जोर की दहाड़ लगाई और छलांग लगाते हुए जंगल की ओर भाग गया।
जंगल की ओर बाघ के भागने पर सभी ने राहत की संास ली। इसके बाद वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। गौरतलब है कि मझगवंा- चितहरा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर दो दिन पूर्व बाघ देखा गया था। जानकारों ने बताया कि यह बाघ अकेला नहीं है। इसके साथ बाघिन भी मौजूद है। जो रेलवे पटरी के उस पार जंगल में मौजूद है।