चित्रकूट। मानिकपुर-सतना रेलवे लाइन पर मंगलवार की रात करीब साढ़े 11 बजे एक मालगाड़ी मझगवा व इटवा स्टेशन के बीच से गुजर रही थी। चालक की नजर रेलवे ट्रैक पर खडे़ बाघ पर पड़ गई। उसने ट्रेन रोक कर हार्न बजाया। करीब दस मिनट बाद जब बाघ हटा। इसकी जानकारी रेलवे अधिकारी को मिली तो ट्रेने को आगे बढ़ाया। इसकी जानकारी चालक ने रेलवे के अधिकारियों को दी। बुधवार की सुबह वन विभाग के मप्र के अधिकारियों ने पहुंचकर बाघ के पैर के चिन्हों को देखा।
मानिकपुर सतना रूट में घना जंगल है। इस समय जंगल में एक बाघ व बाघिन जंगल में घूम रहे है। जो आए दिन रेलवे ट्रक में खडे़ हो जाते हैं। मंगलवार की रात 11 बजकर 30 मिनट में मानिकपुर से सतना एक मालगाड़ी जा रही थी। जब वह मप्र के मझगवा व इटवा स्टेशन के बीच पहुंची तो एक बाघ रेलवे पटरी पर खड़ा दिखा। चालक ट्रेन को रोककर हार्न बजाता रहा। जब बाघ वहां से हटा तो ट्रेन को आगे बढ़ाया। मामले की जानकारी रेलवे के अधिकारियों को दी।
पांच सौ मीटर में फेंसिंग कराने का प्रस्ताव
चित्रकूट बाघों की जान ट्रेनों से बचाने के लिए सतना वन मंडल ने रेलवे लाइन के किनारे 500 मीटर पर फेंसिंग करने के लिए प्रस्ताव पास कर दिया है, जबकि यूपी क्षेत्र में ऐसा कोई प्रस्ताव पास नहीं किया गया। इस रूट पर ट्रेन से कई तेंदुओं और अन्य जीव जंतुओं की मौत हो चुकी है।
गरीबों के बीच विधायक ने वितरित किए कपड़ा, राशन
चित्रकूट। कोरोना की रोकथाम के लिए मानिकपुर विधायक आनन्द शुक्ला निरंतर क्षेत्र भ्रमण कर लोगों को सचेत कर रहे हैं। उन्होंने बुधवार को मानिकपुर और राजापुर क्षेत्र का भ्रमण कर सभी कोटेदारों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।