फोटो- 16- वन महोत्सव में कोदंड वन क्षेत्र में धनुषधारी श्रीराम के चित्र वाली लगी होर्डिंग। संवाद
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चित्रकूट। धर्मनगरी में नौवीं बार आए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पाठा के इस क्षेत्र को कोदंड वन क्षेत्र के रूप में विकसित करना बेहद अच्छा है। उन्होंने रामायण व रामचरित मानस के रचयिता की भूमि के विकास का संकल्प दोहराया।
प्रदेश में दूसरी बार भाजपा की सरकार बनने के बाद पहली बार चित्रकूट आए सीएम धार्मिकता से ही विकास का मार्ग बताते रहे। वैसे वह इसके पूर्व जिले में आठ बार आ चुके हैं। पाठा के जंगल में पहली बार किसी सीएम का हेलीकॉप्टर उतरा है। मंगलवार को उन्होंने सबसे पहले भगवान कामदनाथ की महिमा बताकर कहा कि भगवान श्रीराम की इस कर्मस्थली का विकास तेज गति से हो रहा है। महर्षि वाल्मीकि के लालापुर स्थित आश्रम में रोपवे की सुविधा कराने का संकल्प दोहराया। इस पर्वत पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए करोड़ों रुपये का बजट निर्गत भी हो चुका है। इसी प्रकार गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर के मानस मंदिर व हस्तलिखित रामचरित मानस रखे वाले स्थान का विकास कराने की घोषणा की है।
कोदंड का अर्थ भी बताया
सीएम ने भी कोदंड को लेकर माना कि धनुषाकार कामदगिरी पर्वत भी है और भगवान श्रीराम ने यहां के बांसों से बने धनुष को धारण किया। इस धरती पर भगवान श्रीराम वनवासी रूप में आए और यहां के जंगलों के बांस से निर्मित धनुष धारण किया था, जिससे उनका नाम कोदंड धारी श्रीराम भी कहा गया। कोदंड का हिंदी शब्दकोष में अर्थ धनुष और बांस होता है। चित्रकूट के वन क्षेत्र में बांस प्रजाति के वृक्ष बहुतायत में हैं।