चित्रकूट। राष्ट्रीय रामायण मेला में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम है। कोलकाता, लखनऊ, प्रयागराज, दिल्ली व आसाम के कलाकारों की प्रस्तुतियों को देख दर्शक मंत्र मुग्ध है। इसी दौरान मंच से भक्ति संगीत की भी बयार बहर रही है।
धर्मनगरी के रामायण मेला परिसर स्थित डॉ.राममनोहर लोहिया प्रेक्षागृह में गंधर्व कल्चरल ऑर्गेनाइजेशन के कलाकार पं. जगदीश शर्मा के नेतृत्व में कलाकारों ने अभिनय के माध्यम से रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद्र दशरथ नंदन गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद मुंबई से आये अभिवेष मिश्रा और लखनऊ की आर मीनाक्षी ने अपनी भजन प्रस्तुति से समां बांधा। इसके बाद नई दिल्ली से आये रिवाइवल ग्रुप ऑफ इंण्डिया के कलाकाराें ने पपीहा देसाई के नेतृत्व में लाइट एण्ड साउण्ड के माध्यम से श्रीराम के चरित्रों का मनोहारी चित्रण कर दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में उत्तर मध्य सांस्कृतिक क्षेत्र प्रयागराज की पूर्णिमा कुमार ने ढेढ़िया लोकनृत्य प्रस्तुत कर वहां उपस्थित सभी अतिथियों की वाहवाही लूटी। अंत में वृंदावन से आये ख्यातिलब्ध रसाचार्य देवकीनंदन शर्मा के नेतृत्व में रासमंडली ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का अत्यंत सजीव प्रस्तुतीकरण कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया।
इसके अलावा भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के कलाकारों ने सर्वेश श्रीवास्तव के नेतृत्व में भजन प्रस्तुत किया भजमन रामचरण सुखदाई प्रस्तुत कर दर्शकों को रामभक्ति में सराबोर कर दिया। महिला कलाकाराें ने राम रतन धन पायो जैसे कई भजनों के माध्यम से वातावरण रसमय बना दिया। सांस्कृतिक कार्यक्त्रस्मों का संचालन रामायण मेला के महामंत्री करुणा शंकर द्विवेदी ने किया।
रामायण मेला के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश कुमार करवरिया ने मेले में आये हुए सभी अतिथियों को धन्यवाद देते हुए उनसे प्रतिदिन ऐसे ही बड़ी संख्या में आने का निवेदन किया। चित्रकूटधाम नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष नीलम करवरिया, भालेन्दु सिंह , प्रद्युम्न कुमार दुबे (लालू भैया), शिवमंगल शास्त्री, मोहम्मद युसूफ सिद्दीकी, कलीमुद्दीन बेग, घनश्याम अवस्थी, हरिप्रसाद दुबे अयोध्या, ज्ञानचन्द्र गुप्ता, राजेन्द्र कुमार त्रिपाठी, मनोज मोहन गर्ग, प्रिंस करवरिया, मो. इम्तियाज, राजेन्द्र राम व पंकज अग्रवाल आदि मौजूद रहे। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति लब्ध भजन गायक अनूप जलोटा सोमवार की शाम को अपनी प्रस्तुति से राष्ट्रीय रामायण मेला परिसर को रामभक्ति में सराबोर करेंगे।