चित्रकूट। जिले के आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सा के प्रसिद्ध डॉ. मदन गोपाल बाजपेयी ने दावा किया कि कोरेाना महामारी हो या अन्य कोई भी बीमारी। अगर इंसान तिपाई (आहार, निद्रा व ब्रह्मचर्य) का संतुलन जीवन में बनाए तो वह हमेशा स्वस्थ रह सकता है। लोगों की समस्या का समाधान कराने के लिए अमर उजाला ने ऑनलाइन चिकित्सा परामर्श अभियान शुरू किया है। शनिवार को लोगों से मोबाइल से डॉ. मदन गोपा बाजपेयी से सवाल किए। डॉक्टर ने सभी को जवाब देकर उनकी समस्याओं निदान किया।
डॉ. मदन गोपाल हरियाणा से कानपुर, बांदा, महोबा, भदोही व चित्रकूट के लोगों को फोन पर कई गंभीर रोगों की रामबाण दवाएं बताईं।
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- पत्नी को अक्सर माहवारी के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होती है। दाहिनी ओर दर्द बना रहता है, क्या करें। स्वतंत्र पांडेय ,राजापुर
भुना जीरा व सेंधा नमक को मिलाकर उबले पानी के साथ सेवन करें। सोंठ, हर्र, सौंफ व जीरा भूनकर मिलाएं। फिर चूर्ण की तरह खाएं।
- कई साल से पीठ में दाने हैं। कई दवा व मलहम लगाने के बाद भी सही नहीं हो रहे। - शिवांश द्विवेदी, चित्रकूट
साबुन का प्रयोग कम करें। मुल्तानी मिट्टी का प्रयोग करें। काशीसादि तेल से दिन में दो बार मालिश करें और सूती कपड़े पहनें।
- अक्सर भोजन करने के बाद शौच के लिए जाते हैं। पेट साफ नहीं रहता। जगदीश अग्रवाल, बांदा
यह गृहणी विकार है। द्राक्षारिस्ट सीरप भोजन के बाद व महाशंखबटी भोजन के पहले लें।
- पत्नी को मासिक धर्म के दौरान पीड़ा होती है और भोजन नहीं करती। मोहित जोशी, हरियाणा
अशोकारिष्ट 30-30 मिलीग्राम बराबर पानी के साथ लें। योगराज गुग्गुल की दो गोली व चंद्रप्रभावटी की एक गोली लेना लाभदायक है।
- बचपन से श्वांस उखड़ने की बीमारी है। कई जगह की दवा करा चुके हैं। कोदूरराम बेडी पुलिया, चित्रकूट
श्वास कुठाररस की दो गोली व हरिद्राखंड की एक एक गोली 24 घंटे में दो बार लेने से लाभ होगा। गर्म पानी पीएं।
इन लोगों ने भी किए सवाल
चित्रकूट की प्रतिभा द्विवेदी, कानपुर के हरिशचंद्र खन्ना, अशोक कुमार गुप्ता, भदोही के केवला शंकर तिवारी, कर्वी की कुसुम मिश्रा, मानिकपुर के गोकुल प्रसाद, बांदा के संतोष सिंह, चित्रकूट के जितेंद्र मिश्रा, बांदा के डॉ. विजय शुक्ला, कर्वी के गुडडू, कमासिन बांदा के शिवराम।
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कोरोना से डरना नहीं जागरूक रहना
डॉ. मदनगोपाल बाजपेयी ने अमर उजाला के चिकित्सा परामर्श कार्यक्रम में हर बार फोन करने वालों द्वारा कोरोना से बचने की दवा पूछने पर कहा कि इससे डरना नहीं है। बस जागरूक रहना है। आयुष से ही इसका बचाव है। यह प्र्रमाणिक भी हो चुका है। इसमें नियमित रूप से काढ़े का प्रयोग करें। दिन में चार बार गर्म पानी पीएं। खासकर सुबह खाली पेट व रात को सोने के पहले। मॉस्क का प्रयोग करें। सामाजिक दूरी बनाए रहें।