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धान की फसल की पौध तैयार करने में जुटे किसान

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फोटो नंबर- 11- धान की फसल के लिए बेड तैयार करने की तैयारी करते किसान - फोटो : CHITRAKUTT
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चित्रकूट। जेठ माह में भरपूर बारिश का पानी मिलने से उत्साहित चावल की फसल का उत्पादन करने वाले किसानों ने धान की फसल तैयार करने की तैयारी शुरू कर दी है। जागरूक किसानों ने हाईब्रिड बीजों को गोबर की खाद व रसायन मिलाकर अंकुरित होने पर पौध तैयार करने की नर्सरी बना ली है। प्रगतिशील किसान का दावा है कि 24 दिन में पौध तैयार हो जाएगी। इसकी खेतों में रोपाई करने पर कम समय पर फसल तैयार हो जाएगी। इस माह तक अच्छी बारिश भी होती रहती है। इससे सिंचाई की आवश्यकता भी नहीं पडे़गी। जब तक आने वाली रवि फसल के लिए खेत भी खाली जाएंगे।
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खरीफ की फसल के लिए धान की फसल तैयार करने के लिए किसान आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहे है। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा दिए गए हाईब्रिड बीज धान को 12 घंटे पानी में भिगाने के बाद 24 घंटे गोबर की खाद एवं ट्राइकोडरमा के साथ दबाकर रखा गया। अंकुरण होने पर उचित खेत में गोबर की खाद पर्याप्त मात्रा में डालकर जल प्रबंधन कर धान की पौध तैयार करने के लिए अंकुरित बीजों को डाल दिया जाता है, जो 24 दिन बाद बेल तैयार हो जाती है। तैयार बेल को खेतों में रोपाई करने पर सितंबर माह में धान तैयार हो जाता है। इसके लिए प्रगतिशील किसान शिवकुमार शुक्ला ने हाईब्रिड धान के बीज को अंकुरित करने के बाद पौध तैयार करने के लिए खेत में तैयार की गई नर्सरी में बीजों को बोना शुरू कर दिया है। दावा है कि जल्द नर्सरी तैयार करने से बरसात के समय का पानी भी मिलता रहेगा। इससे सिंचाई की जरूरत नहीं पडे़गी। साथ ही पानी की बचत भी होगी। आने वाली रवि की फसल के लिए खेत खाली हो जाएंगे। बताया कि धान के हाईब्रिज बीज कृषि विभाग 15 किलो अनुदान पर भी देती है।
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इनसेट
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अच्छी होती है धान की फसल
चित्रकूट। उप कृषि अधिकारी निदेशक टीपी शाही ने बताया कि 24 दिन के अंदर धान की बेड तैयार होने पर अच्छी फसल होती है। इससे अधिक समय तक वाली पौध की फसल कम अच्छी होती है। बताया कि धान की फसल कम से कम 90 दिन में तैयार होती है। इन दिनोें हो रही बारिश का किसान धान की फसल के लिए पौध तैयार करने में फायदा ले सकते हैं। इससे अक्टूबर तक बारिश के सीजन में धान की फसल को मानसून का पानी ही मिलने की पूरी संभावना है।
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