चित्रकूट। देश में लॉकडाउन के दौरान हरियाणा में फंसे जिले के 51 मजदूर सोमवार को खुर्जा रोडवेज डिपो की दो बसों से यहां लाया गया। इनमें तीन महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। इन सभी को शिवरामपुर कस्बा स्थित डायट भवन के क्वांरटीन सेंटर में रखा गया है। वहां सभी का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। डीएम व एसपी ने वहां पहुंचकर मजदूरों से समस्या जानीं। बसों के चालक नीरज व उमेश ने बताया कि सभी लोगों को वह बुलंदशहर शहर से लेकर आए हैं।
जिले के राजापुर कुशैली निवासी लक्ष्मी व मानिकपुर के कटिया डांडी गांव की पुष्पा ने बताया कि वह लोग हरियाणा के रेवाड़ी के पास ईट भट्टा में काम करते थे। राजापुर क्षेत्र के हीरालाल, संतोष ने बताया कि मुर्गी पालन केंद्र में काम करते थे। सभी जगह काम बंद होने से वह लोग आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। प्रशासन की तरफ से मिलने वाले भोजन से पेट भरते थे।
कलवारा बुजुर्ग के केशन, पथरामानी के गुलाब, कलवारा खुर्द राममोहन ने बताया कि वह लोग हरियाणा शहर में एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। लॉकडाउन होने से वह लोग परेशान थे। पैसा भी नहीं बचा था। खाने के लाले पड़ गए थे। उन लोगों को गृह जनपद पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार का शुक्रिया।
सीमा पर रोके गए 114 मजदूर
बाराबंकी जिले के 114 मजदूर बिलासपुर मध्य प्रदेश से चित्रकूट पहुंचे। यहां सीमा पर इन्हें रोक लिया गया। मजदूरों ने अपना स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी दिखाया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने आगे जाने से रोक दिया है। इन मजदूरों को सरकारी बस से एमपी की सीमा तक पहुंचाया गया है। सोमवार को देर शाम तक इन मजदूरों को आगे नहीं जाने दिया गया है। इस बारे में यूपी एमपी के अधिकारी आपस में मंथन कर रहे हैं।