फोटो नं- 4- धर्मनगरी के रामघाट किनारे स्थित भगवान मत्यगयेंद्र नाथ मंदिर के गेट पर लगाया गया ताला।
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चित्रकूट/खोही/मानिकपुर। धर्मनगरी के रामघाट स्थित प्राचीन मत्यगजेंन्द्रनाथ स्वामी व मानिकपुर क्षेत्र से सटे प्रसिद्ध प्राचीन धारकुंडी आश्रम को 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिया गया है। इन दोनों तीर्थ स्थानों पर हजारों तीर्थयात्री प्रतिदिन दर्शन करने आते हैं। गेट बंद होने के बाद भी बृहस्पतिवार को कई तीर्थ यात्री मंदिर पहुंचकर गेट के बाहर से ही आरती उतार पूजा की।
धर्मनगरी के यूपी व एमपी क्षेत्र में कई तीर्थ स्थान है। जहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। कोरोना वायरस से बचाव के लिए धर्मनगरी के कई तीर्थ स्थानों को एमपी के प्रशासनिक अधिकारियों ने साधु संतों के साथ बैठक कर एक दिन पहले बंद करा दिया था। अब यूपी क्षेत्र में पड़ने वाले तीर्थ स्थानों को भी बंद किया जा रहा है। इसमें रामघाट स्थित प्राचीन मत्यगजेंन्द्र नाथ मंदिर के प्रमुख गेट को बंद कर दिया गया। पुजारी विपिन मिश्रा ने बताया कि जिला प्रशासन के कहने व श्रद्धालुओं को एतियातन कोरोना वायरस से बचाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इससे कोई श्रद्धालु मंदिर के बाहर से ही पूजा पाठ कर रहे हैं।
इसके अलावा मानिकपुर क्षेत्र से सटे प्रसिद्ध धारकुंडी आश्रम में भी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। आश्रम के गेट को बंद कर दिया गया है। आश्रम के रामायण महराज ने बताया कि आश्रम के अंदर मंदिरों में भजन पूजन पाठ चलता रहेगा लेकिन भीड़ से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। गौरतलब है कि धर्मनगरी के कामदनाथ मंदिर समेत आसपास के सभी मंदिरों को बंद किया गया है।