फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chitrakoot Ground Report: चित्रकूट के पर्यटन, विकास और रोजगार में क्या आया बदलाव? देखिए यह रिपोर्ट

Mon, 27 Apr 2026 06:34 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला नेटवर्क, चित्रकूट

सार

अमर उजाला टीम ने चित्रकूट में रोजगार, पर्यटन और जल संरक्षण कार्यों का जायजा लिया। पर्यटन के क्षेत्र में हुए कार्यों और उनके प्रभावों को भी परखा गया। स्थानीय मुद्दों पर भी बातचीत की गई।
विज्ञापन
Chitrakoot Ground Report - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमर उजाला की टीम ने उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले का दौरा किया। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य की क्षमताओं और जमीनी स्तर पर हो रहे परिवर्तनों को गहराई से समझना था। टीम ने जिले में उद्योग और रोजगार के अवसरों में हुई वृद्धि का विस्तृत जायजा लिया। पर्यटन के क्षेत्र में हुए महत्वपूर्ण कार्यों और उनके प्रभावों को भी परखा गया। इसके अतिरिक्त, टीम ने चित्रकूट के अन्य स्थानीय मुद्दों पर भी गहन बातचीत की। इस दौरे का लक्ष्य यह जानना था कि इन बदलावों से यहां के लोगों के जीवन में क्या सकारात्मक परिवर्तन आए हैं। साथ ही, यह भी समझा गया कि उत्तर प्रदेश इन विकास कार्यों से कितना सक्षम हुआ है। टीम ने इन सभी पहलुओं को समझने के लिए जमीनी स्तर पर पड़ताल की।

विज्ञापन


रोजगार के कितने अवसर बढ़े?
इस सवाल के जवाब के लिए हमारी टीम श्यामा प्रसाद मुखर्जी उर्वरन मिशन के अंतर्गत निर्मित पुष्टाहार उत्पादन केंद्र पहुंची। इसकी खासियत यह है कि यह राज्य सरकार के सहयोग से करीब 1 करोड़ से ज्यादा का ऋण लेने के बाद यहां शुरू किया गया और सिर्फ महिलाएं काम करती हैं। नोडल, नरेंद्र कुमार ने बताया कि यहां 19 लोग काम करते हैं। सरकार द्वारा हमको 1 करोड़ और ₹3 लाख मिला था। सरकार की योजनाएं बहुत अच्छी हैं। पुष्टाहार रेनू मिश्रा ने बताया कि 2018 में हम लोग समूह में जुड़े। फिर समूह से हम लोगों को यहां टीएचआर प्लांट में काम मिला। यहां 20 महिलाएं हैं, 10 सुबह की शिफ्ट में काम करती हैं 10 शाम की शिफ्ट में काम करती हैं। 

यहां सुनें पूरी बातचीत-


पर्यटन के क्षेत्र में क्या कुछ हुआ काम?
पर्यटन के क्षेत्र में हुए कार्यों को परखने के लिए टीम रामघाट पहुंची। यहां पर घूमने आए श्रद्धालु अंकुश ने बताया कि मन प्रसन्न लग रहा है यहां आने पर। धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार से कल्चर और हेरिटेज को मेंटेन किया जा रहा है। इससे युवा भी आकर्षित हो रहा है। क्योंकि मौजूदा सरकार जो काम कर रही है उससे सारी जनरेशंस प्रभावित हो रही हैं। ओडिशा से चित्रकूट आए मुरारी लाल शर्मा ने बताया कि उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। जैसा सुना था पहले बहुत कुछ डेवलपमेंट हो गया है। बहुत साधन सुविधाएं हो गई हैं। वैसा ही देखने को मिल रहा है। 
विज्ञापन


यहां सुनें पूरी बातचीत-


जल संरक्षण के लिए क्या हुआ काम, किसानों को कितना लाभ?
जल संरक्षण के लिए यहां क्या काम हुआ, यह जानने के लिए हम चित्रकूट के तहसील मानिकपुर क्षेत्र में हेला ग्राम पंचायत के जरेरा टैंक पर पहुंचे। यहां हमारी बात सिंचाई विभाग के जेई मनोज कुमार से हुई। उन्होंने बताया कि पहले इस टैंक में वर्षा तो होती थी लेकिन वर्षा का पानी इसमें रुक नहीं पाता था। इससे कृषकों को सिंचाई हेतु पानी उपलब्ध नहीं हो पाता था। फिर यहां सर्वेक्षण का कार्य कराया गया, जिसमें ग्राउटिंग कार्य हेतु प्रपोजल दिया गया। पिछले दो वर्षों से इसमें सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी कृषकों को मिलता है। स्थानीय निवासी सुखेंद्र सिंह ने बताया कि पहले यहां पानी नहीं रुकता था। पहले नदी से सिंचाई होती थी, दूर पड़ता था। अब पानी रुकने से मवेशियों को भी लाभ होता है।
विज्ञापन


यहां सुनें पूरी बातचीत-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें