चित्रकूट। भगवान श्रीराम की पावन तपोभूमि में बहने वाली पवित्र मंदाकिनी नदी में नौका विहार के नियमों में जिलाधिकारी प्रशासन द्वारा महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अब रात 10 बजे के बाद नदी में नौका संचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यह निर्णय रात के समय संभावित खतरों को कम करना और आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित अनुभव सुनिश्चित करेगा।
चित्रकूट की मंदाकिनी नदी न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी आकर्षित करती है। भगवान श्रीराम के वनवास काल का यह महत्वपूर्ण स्थल, श्रद्धालुओं के लिए पापों से मुक्ति का माध्यम माना जाता है। नदी के किनारे स्थित घाटों पर भक्त श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं। मंदाकिनी का शांत और धीमा प्रवाह इसे नौका विहार के लिए एक आदर्श स्थान बनाता है।
पर्यटक और श्रद्धालु नौकाओं में बैठकर नदी के मनोरम दृश्यों का आनंद लेते हैं। नौका विहार के दौरान बजने वाले भजन-कीर्तन वातावरण को और भी भक्तिमय बना देते हैं, जो चित्रकूट आने वाले आगंतुकों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होता है।
देर रात तक नौका संचालन होने से आए दिन घटनाएं होती हैं। इससे पर्यटकों की सुरक्षा खतरे में रहती है। इसे देखते हुए जिलाधिकारी प्रशासन ने नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं।
मंदाकिनी में जमी काई की सफाई के लिए नाविक करें श्रमदान
पवित्र मंदाकिनी को स्वच्छ निर्मल बनाने के लिए जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने नाविकों को श्रमदान करने के लिए प्रेरित किया। यह मंदाकिनी जीविकोपार्जन का साधन है, इसलिए उसे साफ-सुथरा बनाए रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। जिलाधिकारी ने मंदाकिनी में जमी काई की सफाई के लिए नाविकों को श्रमदान के लिए प्रेरित किया है, ताकि नदी की स्वच्छता और सुगमता बनी रहे।
ये प्रभावी किए गए नए नियम
नए नियमों के तहत, घाटों पर किराया, नाव की क्षमता, संचालन का समय और चालक की आयु का स्पष्ट उल्लेख पेंटिंग के माध्यम से एक सप्ताह के भीतर कराया जाएगा
प्रत्येक नाव पर क्यूआर कोड अंकित कराना अनिवार्य होगा।
सभी नावों का बीमा कराना भी अब आवश्यक होगा।
नाविकों के लिए एक निर्धारित ड्रेस कोड और पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लागू किए जाएंगे।
नाविकों का एक पंजीकृत एसोसिएशन गठित कराया जाएगा, जो नियमों के अनुपालन और समन्वय में मदद करेगा।
एनडीआरएफ के सहयोग से सुरक्षा संबंधी मॉक ड्रिल की जाएगी, ताकि आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारी की जा सके।
घाटों पर 24 घंटे पुलिस बल की तैनाती
धर्मनगरी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अब घाटों पर 24 घंटे पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। यह पुलिस घाटों पर स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं पर नजर रखेंगे और उन्हें सतर्क भी करेंगे। इससे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बोले जिम्मेदार
नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नाविकों के संग की बैठक में नौकायन में कई पुराने नियम बदलाव किया गया है। कुछ पर्यटकों की सुरक्षा के लिए नए नियम बनाए गए हैं। इनका अनुपालन कराया जाएगा।- पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।