फोटो- 18- कृषि मेले में जानकारी देते कृषि वैज्ञानिक डा. शिवशंकर सिंह
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चित्रकूट। रामायण मेला परिसर में चल रहे किसान मेला एवं प्रदर्शनी के दूसरे दिन किसानों को रासायनिक खेती के प्रभावों के कारण मानव, मृदा एवं र्प्यावरण संतुलन की जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि रासायनिक प्रभावों के कारण गंभीर बीमारियां हो रही है मृदा में जीवांश की कमी के साथ उर्वरता में गिरावट आई है।
भाजपा नेता हेमंत सिंह ने कहा कि कृषकों की आय को दोगुना करने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न कृषक कल्याणकारी योजनाएं/कार्यक्रम संचालित है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. शिवशंकर सिंह ने किसानों को लागत को कम करके अधिक उपज आय बढ़ाने के तरीके, जैविक खेती के लिए जीवामृत/बीजामृत, जैविक कीटनाशी, गौमूत्र का महत्व व उपयोगी पदार्थ/उत्पाद बनाने की विस्तृत जानकारी दी। बताया कि साल भर लगातार आय प्राप्त करने के लिए फ सलोत्पादन के साथ फ ल-फू ल, साग-सब्जी, वन वृक्ष/फल वृक्ष से भी आय प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाएं। के वी के गनीवा के मौसम वैज्ञानिक डा. मनोज शर्मा ने बताया कि बढ़ रही हरित गृह व रासायनों से निकली गैस वायुमण्डल के वातावरण को प्रभावित कर रही हैं। कृषि विभाग के विषय वस्तु विशेषज्ञ स्ुानील कुमार सिंह ने टिकाऊ खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड कृषि विविधीकरण, पोषक तत्व प्रबंधन, खेत-तालाब, सिंचाई के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
महोवा संगीत पार्टी द्वारा बुंदेलखण्डी लोकगीत/भजनों को सुनाया गया एवं जादूगर गोगा द्वारा विभिन्न जादुई कार्यक्त्रस्मों को दिखाकर विभिन्न विषयों पर प्रेरणा देने के साथ ही मनोरंजन भी किया। इस मौके पर उपकृषि निदेशक टीपी शाही व जिला कृषि अधिकारी वसंत कुमार दुबे ने भी किसानों को आय बढ़ाने की जानकारी दी। प्रगतिशील किसान शिवकुमार शुक्ला ने किसानों को कृषि उत्पादन में सावधानी बरतने को कहा।