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लाल पीली गोली पकड़ा कर देते रेफर

Fri, 09 Jan 2015 11:05 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
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स्टाफ और संसाधनों की कमी के कारण सीएचसी रेफर सेंटर बनकर रह गया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मऊ में उचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं।
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तीस बेड के इस अस्पताल में मरीजों के लिए अच्छा उपचार पाना सपने जैसा है। मरीज बताते हैं कि यहां खून की जांच होती है या फिर फर्स्ट एड कर लाल पीली गोली पकड़ा दी जाती है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल ये है कि पंजीकरण कक्ष में लाल पीली दवाइयों के भरोसे काम चल रहा है। उपकरण के न होने से मामूली रूप से चुटहिल या बीमार आदमी को भी ये गोलियां पकड़ाकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
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वहीं अस्पताल में पानी की टंकी टूटी पड़ी है। इससे दूषित जल की आपूर्ति हो रही है। डा. खरे ने बताया कि टंकी बंदर तोड़ देते हैं। वहीं गेट के दोनों तरफ गंदगी फैली है।

जिम्मेदार बताते हैं कि यहां दस दिन से सफाई कर्मी नहीं आया। मौके पर मिले डा. शेखर वैश्य ने बताया कि अस्पताल में महिलाओं के लिए एक एएनएम और दो संविदा कर्मी हैं।
 
ये क्या किया!
अस्पताल में आने वाले मरीजों के तीमारदार भी परिसर को गंदा करते हैं। जगह-जगह लगी पीक और गुटखे के पाउच इसकी हकीकत बता रहे हैं।

 जल्द सुधरेगी व्यवस्था- डा. आरके खरे
चिकित्साधीक्षक डा. आरके खरे ने बताया कि स्वीपर लंबे समय से गैरहाजिर है। अगर वह नहीं आया तो दूसरा स्वीपर लगाया जाएगा।

दो चिकित्सक पल्स पोलियो ट्रेनिंग के लिए गए हैं। यहां चिकित्सकों की कमी है। नौ की जगह सिर्फ चार चिकित्सक हैं। अधीक्षक समेत चिकित्सक जीके पांडे, बद्री विशाल, शेखर वैश्य तैनात हैं। 
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फार्मासिस्ट चार की जगह एक है। स्टाफ नर्स भी एक है। फार्मासिस्ट देवेंद्र कुमार त्रिपाठी, वार्ड ब्वाय कामता पाल हैं। स्टाफ की कमी के संदर्भ में शासन को लिखा जा रहा है, जल्द व्यवस्था सुधरेगी।
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