चित्रकूट/ खोही। धर्मनगरी में महाशिवरात्रि पर्व को लेकर उत्साह का माहौल है। रविवार को महाशिवरात्रि पर्व के लिए जिले के प्राचीन मंदिर सजधज कर तैयार हैं। मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर सहित अन्य शिवालयों में श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला एक दिन पहले से ही शुरू हो गया है। इस बार महाशिवरात्रि पर लगभग 48 साल बाद बनने वाले चतुर्ग्रही योग का महायोग इसे और भी विशेष बना रहा है।
महाशिवरात्रि पर्व को लेकर क्षेत्र के प्रसिद्ध मत्तगजेन्द्र नाथ मंदिर, रामघाट में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी। पुजारी प्रदीप दास ने बताया कि महाशिवरात्रि पर सुबह 4 बजे से ही भक्तों का मंदिर में आना शुरू हो जाएगा। भगवान शिव के जलाभिषेक और दर्शन के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचेंगे।
इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता और पेयजल सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। भक्तिमय माहौल को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए जबलपुर से विशेष शहनाई वादकों को आमंत्रित किया गया है, जो सुबह से ही अपनी मधुर धुनों से वातावरण को शिवमय बनाएंगे। मंदिर परिसर को फूलों, लाइटों और आकर्षक सजावट से सजाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति मिलेगी।
इसके अलावा रामघाट स्थित मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर में भगवान शिव की बरात शाम 4 बजे धूमधाम से निकाली जाएगी, साथ ही अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी होंगे। इसी प्रकार मानिकपुर क्षेत्र के सोमनाथ मंदिर, मऊ क्षेत्र के ऋषियन आश्रम के शिवमंदिर में तैयारी पूरी कर ली गई हैं। महाशिवरात्रि पर विशेष आयोजन होंगे। भरतकूप क्षेत्र के मड़फा शिवमंदिर में लगने वाले मेले के लिए भी ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पहाड़ी कस्बे के पालेश्वरनाथ मंदिर में भी मेला लगेगा।
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शहर में भी उत्सव का माहौल, विशेष झांकियां होंगी प्रस्तुत
जिला मुख्यालय के धतुरहा चौराहा पर भी महाशिवरात्रि पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यहां मथुरा के कलाकारों द्वारा दोपहर 12 बजे से भगवान शिव की लीलाओं का मंचन किया जाएगा। शाम 4 बजे भव्य बरात निकाली जाएगी। शहर के कोठी तालाब, ओम प्लाजा और जगदीशगंज मोहल्ले के शिव मंदिरों में भी विशेष तैयारियां की गई हैं।
48 साल बाद बन रहा अद्भुत चतुर्ग्रही योग
इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व एक अत्यंत शुभ संयोग लेकर आ रहा है। लगभग 48 वर्षों के अंतराल के बाद चतुर्ग्रही योग का महायोग बन रहा है। इस दिन त्रयोदशी और चतुर्दशी दोनों तिथियां पड़ रही हैं। मान्यता है कि इस विशेष दिन भगवान शिव के दर्शन मात्र से परिवार का कल्याण होता है। साथ ही, किसी भी नए कार्य की शुरुआत या खरीदारी के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना जा रहा है।
फोटो न- 14सीकेटीपी 04 रामघाट स्थित मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर। संवाद- फोटो : नसियाजी मंदिर में आयोजित लाडू महोत्सव में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: मंदिर कमेटी
फोटो न- 14सीकेटीपी 04 रामघाट स्थित मत्तगजेंद्र नाथ मंदिर। संवाद- फोटो : नसियाजी मंदिर में आयोजित लाडू महोत्सव में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: मंदिर कमेटी