फोटो-3- चित्रकूट में दीपदान मेले के पहले दिन लहलहाती मंदाकिनी के बीच रोशनी से नहाये रामघाट में दीप?
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चित्रकूट/मऊ/राजापुर/मानिकपुर/पहाड़ी। धनतेरस पर मंहगाई का असर तो ज्यादातर कस्बों में देखने को मिला लेकिन मुख्यालय की दुकानों में ग्राहकों की देर रात तक भीड़ उमड़ी। कोरोना संक्रमण को भूल कर महिलाओं ने जमकर खरीददारी की। बाजार में सोने-चांदी व बर्तन के अलावा बाइक, स्कूटी व इलेक्ट्रानिक सामग्री की खूब बिक्री हुई। दुकानदारों ने सड़क किनारे तक दुकानों को विधिवत सजाया गया। विविध सामानों के स्टाल लगे रहे। सराफा व्यवसायियों के यहां सबसे ज्यादा चांदी के सिक्कों की बिक्री हुई।
इस बार मुहुर्त के अनुसार दो दिन धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा पहले दिन बृहस्पतिवार को ज्यादातर बर्तन के खरीददार तो नजर आये, लेकिन महज औपचारिकता पूर्ण की गई। किसी ने तांबे का लोटा तो किसी ने चम्मच आदि छोटे सामान ही क्त्रस्य किये। मंहगाई के चलते धनतेरस के त्योहार पर बड़ी खरीददारी पीतल व फूल के धातु के बर्तनों की नहीं हो सकी। वहीं मध्यम एवं धनाढ्य लोगों ने सर्राफा व्यवसायियों की दुकानों में पहुंचकर चांदी के सिक्के व मूर्तियां तथा सोने के आभूषणों की खरीदारी की। पुराने चांदी के सिक्को में महारानी बिक्टोरिया और जार्ज किंग के चांदी के सिक्के एक हजार में बिके। नए गणेश-लक्ष्मी के चांदी के सिक्के एक हजार रुपये से ज्यादा के दाम में बिके। इसके अलावा मोटरसाइकिल एजेंसियों में क्त्रस्यकर्ताओं की भीड रही। अधिकांश नवयुवक खरीददार धनतेरस का मुहूर्त शुभ मानते हुये बाइक व स्कूटी खरीदी। इसके अलावा इलेक्ट्रानिक दुकानों में भी खरीददारों की भीड़ देखी गई। दुकानदारों ने तरह-तरह के इलेक्ट्रानिक सामानों को बाहर लगाकर खरीददारों को आकर्षित किया। दामों में भारी गिरावट के चलते तथा बम्पर धमाका के चलते जमकर खरीददारी की। विभिन्न प्रकार के मोबाइल भी खरीदे गये।