नव संवत्सर के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश की ओर से सरस्वती शिशु मंदिर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जेआरएचयू के कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे व अध्यक्षता कर रहे भालेंदु सिंह ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
मुख्य वक्ता ओमपाल ने भारतीय समाज को सर्वश्रेष्ठ बताते हुए कहा कि नव संवत्सर चैत्र मास से प्रारंभ होता है, जिसे भारतीय समाज को उत्सव के रूप में मनाना चाहिए। कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे ने अपनी संस्कृति को कैसे संरक्षित और सुरक्षित करने वाले महापुरुषों के कार्यों का बखान किया। भालेंदु सिंह ने कहा कि हम सब अपनी संस्कृति को भूल रहे हैं, जिससे जीवन में सामंजस्यता की कमी के साथ ही जीवन शैली विकृत हो रही है।
इस दौरान आए हुए अतिथियों का जानकीशरण त्रिपाठी, सोमनाथ यादव, बाबूलाल यादव, बालेंदु श्रीवास्तव, बृजबिहारी, हरिहर सिंह ने स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में जिला संयोजक हरिश्चंद्र सोनी, फूलचंद्र चंद्रवंशी, शशिभूषण, ब्रजेश सिंह, इंद्रेश श्रीवास्तव, असलम हुसैन, बेदप्रकाश सोनी, अमित अग्रवाल, अशोक सिंह आदि रहे।