चित्रकूट। जलकुंभी से पटी मंदाकिनी नदी की सफाई के तीसरे दिन बुंदेली सेना ने सुंदरघाट के चार घाटों को पूरी तरह साफ कर दिया है। लगभग पांच ट्रक जलकुंभी नदी के बाहर की गई और घाट को लोगों के लिए नहाने योग्य बना दिया गया।
बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि रेलवे पुल के दोनों ओर लगभग एक किमी नदी जलकुंभी से पटी पड़ी थी। घाटों के आलम यह थे कि जलकुंभी के चलते सीढ़ियां पट गयी थीं। मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार करने वाले लोगों को नदी नहाने में भारी असुविधा होती थी। गुरुवार को तीसरे दिन की नदी सफाई के बाद सुंदरघाट के आसपास के चार घाट पूरी तरह जलकुंभी से मुक्त हो गए हैं। घाटों के सामने लगभग 15 फीट चौडाई से जलकुंभी साफ कर दी गई है।
नदी में अभी भी कई स्थानों पर इतनी जलकुंभी है कि उसे मंदाकिनी से निकालकर रखने की जगह कम पड़ जाएगी। दुर्भाग्य इस बात का है कि जिले के अधिकारी और जिम्मेदार लोग सबकुछ जानते हुए भी मौन हैं। नदी सफाई के दौरान अतुल सिंह, जानकी शरण गुप्ता, अंकित पहारिया, सुरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र ओझा, प्रधान प्रतिनिधि बद्री सिंह समेत युवाओं की टीम मौजूद रही।