चित्रकूट। भरतकूप थाना क्षेत्र के बैहार गांव में मकान और सात बीघा जमीन के लालच में रिश्तों का कत्ल हो गया। सगे भाई ने ही बेटे और उसके साथियों के साथ मिलकर 19 अगस्त को ढाबे से बड़े भाई का अपहरण किया।
इसके बाद 20 अगस्त को गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और शव बोरे में बंद कर झांसी के लहचूरा बांध में फेंक दिया। पुलिस ने सीसीटीवी जांच के बाद सोमवार को वारदात का खुलासा करते हुए आरोपी छोटे भाई और उसके पुत्र समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली गई है। फिलहाल शव अभी बरामद नहीं हुआ है।
एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि बैहार निवासी महिला पट्टू देवी ने 20 अगस्त को सूचना दी थी कि उनका पति मनोज (50) 19 अगस्त की सुबह ई-रिक्शा चलाने घर से निकला था लेकिन वह घर नहीं लौटा। उसका ई-रिक्शा चौहान ढाबा के पास खड़ा मिला। आसपास के लोगों से पता चला कि शाम करीब साढ़े सात बजे एक कार आई और कुछ लोग उतरकर मनोज को जबरन कार में डालकर ले गए। महिला की इस तहरीर के आधार पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से कार का नंबर ट्रेस कर मालिक की पहचान की। जांच में सामने आया कि अपहरण करने वाला मनोज का सगा भाई अनिल पाल है। वह महोबा सदर कोतवाली गांधी नगर कचहरी के पीछे रहता है। इसमें उसका बेटा हिमांशु पाल और खन्ना थाना के सिरसी कलां निवासी रोहित साहू व राजू पाल भी शामिल हैंं। कार भी आरोपियों की ही है।
सोमवार को पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोग मनोज पर उसके नाम दर्ज मकान और जमीन अपने नाम कराने का दबाव बना रहे थे। उसके बार-बार मना करने पर उन लोगों ने 19 अगस्त को ढाबे पर उसकी पिटाई की और कार में डालकर उसे झांसी ले गए। वहां भी मनोज नहीं माना तो 20 अगस्त को लहचूरा बांध के पास ले जाकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
साक्ष्य छिपाने के लिए शव बोरे में बांध कर बांध में फेंक दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की तलाश शुरू की है, लेकिन अभी तक शव बरामद नहीं हो सका है।
-
भतीजे ने घोंटा था गला, मनोज को कहां रखा...सवाल बाकी
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि इसके बाद वह लोग महोबा होते हुए कार को झांसी ले गए। वहां फिर से जान से मारने की धमकी देते हुए कागजात पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया लेकिन मनोज ने मना कर दिया। आग बबूला होकर हिमांशु ने गला घोट दिया इससे मनोज की मौत हो गई। इसके बाद शव को बोरे में भरकर बांध में फेंक दिया। उधर, अभी तक आरोपियों ने यह नहीं बताया है कि 19 अगस्त को अपहरण करने के बाद उन्होंने 20 अगस्त को मनोज की हत्या की। इस अंतराल में उन्होंने मनोज को कहां रखा, यह सवाल अभी बाकी है। पुलिस इस बिंदु पर भी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
-
पिता ने भाई को दे दी जमीन, इसी खुन्नस में रची थी हत्या की साजिश
चित्रकूट। बैहार गांव में एक मकान व जमीन के लिए सगे भाई ने ही बड़े भाई मनोज की जान ले ली।
आरोपी भाई खुन्नस में था कि पिता ने बड़े के नाम अपना मकान और जमीन क्यों कर दी। उसने पिता की मौत के बाद मनोज (मृतक) से जमीन हथियाने की कोशिश भी की, लेकिन जब बात नहीं बनी तो उसने बेटे के साथ मिलकर भाई की हत्या की साजिश रच डाली।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि बैहार निवासी मनोज के पिता देवी चरन के तीन मकान थे। एक मकान मनोज व दूसरा मकान अनिल के नाम किया था और तीसरा मकान अपने नाम खरीदा था। इसके साथ ही पैतृक गांव बांदा जिले के जसपुरा थाना के गौरी कलां में सात बीघा जमीन थी। देवी चरन ने मृत्यु के पहले अपनी वरासत मनोज के नाम कर दी थी।
इससे आरोपी अनिल पाल भाई मनोज से खुन्नस मान रहा था। वह लंबे समय से मनोज के हिस्से का मकान व जमीन हड़पना चाहता था। वरासत की जमीन को लेकर कई बार पंचायत भी हुई लेकिन मनोज ने इसे देने से मना कर दिया था। इसके बाद अनिल ने बेटे हिमांशु और उसके साथी रोहित व राजू के साथ मनोज का अपहरण कर मकान व जमीन अपने नाम कराने का प्लान बनाया।
प्लान के तहत उसे लगा कि शव बोरे में बंद कर लहचूरा बांध में फेंक देगा तो बांध में पानी अधिक होने से शव बह जाएगा। भाई होने के नाते कोई उन पर शक भी नहीं करेगा।
जांच में सामने आया है कि 19 अगस्त की शाम मनोज ई-रिक्शा खड़ा कर चौहान ढाबे पर चाय पी रहा था। तभी सफेद कार से चारों आए, जमीन के कागज को लेकर उनमें बहस हो गई और देखते ही देखते वह लोग मनोज को पीटते हुए कार में ले गए। राहगीरों ने भी सब देखा था। बस यहीं से आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए।
सीसीटीवी से खुला अपहरण का राज
ई-रिक्शा चालक मनोज पाल के अपहरण कर हत्या के मामले में आरोपी भूल गए थे कि ढाबे के सीसीटीवी में सब दिख रहा है। मृतक की पत्नी ने जब तहरीर दी तो पुलिस ने ढाबे का सीसीटीवी फुटेज खंगाला, फिर यही फुटेज पुलिस को भाई के कातिलों तक ले गया।
सीसीटीवी की मदद से ही पुलिस आरोपियों तक पहुंची और अपहरण कर हत्या करने में भाई और भतीजे समेत चारों आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों ने शव काे गहरे बांध में फेंक दिया था।
आरोपियों के बयान के आधार पर अब गोताखोर बांध में शव टटोल रहे हैं। सगा भाई अनिल महोबा सदर कोतवाली गांधी नगर कचहरी के पीछे रहता है। इसमें उसका बेटा हिमांशु पाल और खन्ना थाना के सिरसी कलां निवासी रोहित साहू व राजू पाल भी शामिल हैंं।
मकान को लेकर पिता को पीटते थे चाचा
चित्रकूट। बैहार निवासी मनोज पाल की गला घोंट कर हत्या के मामले में उसके बेटे अजय पाल ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि पिता के नाम के मकान बैहार में व दूसरा भरुआ में हैं। जिन कब्जा को लेकर चाचा अनिल से अक्सर विवाद होता था।
विवाद के बाद पिता की चाचा ने पिटाई भी की थी। एक बार तो पिता की पिटाई के बाद जबरदस्ती घर से सामान भी भर ले गए थे। इसको लेकर रिश्तेदारों के बीच कई बार पंचायत भी हो चुकी थी। इसके बाद भी चाचा अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे। वहीं पत्नी पट्टू देवी ने कहा कि जब से ससुर देवी चरन ने मकान व जमीन पति के नाम किया था, तभी से जेठ अनिल विवाद करने लगे थे।
अक्सर पति को गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देते थे। अब वह धमकी सही हो गई। पति का अपहरण कर हत्या की और शव गायब कर दिया। महिला ने कहा कि जिस तरह पति की पिटाई कर हत्या की है, उसी तरह उसकी भी मौत होनी चाहिए। बताया कि उसके दो बेटे अजय, विजय व एक बेटी छोटी है। घटना के बाद से सभी को हाल बेहाल है।
फोटो 24 सीकेटीपी 12 घटना में पकड़े गए पुलिस । संवाद