चित्रकूट। विकास भवन सभागार में कोरोना की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर अति कुपोषित (सैम) बच्चों के प्रबंधन को लेकर प्रशिक्षण दिया गया। इसका आयोजन आईसीडीएस द्वारा किया गया जबकि टेक्निकल सपोर्ट पिरामल स्वास्थ्य द्वारा किया गया।
मुख्यालय स्थित विकास भवन सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी ने किया। मंगलवार को पिरामल स्वास्थ्य के डिस्ट्रिक्ट ट्रांसमिशन मैनेजर कमल भट्टाचार्य ने बताया कि कोविड-19 संक्त्रस्मण से लोगों को बचाने के लिए आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास परियोजना विभाग के कर्मचारी और अधिकारी जुटे हैं। अति कुपोषित बच्चों को खतरा है। ऐसे बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र रेफर किया जाएगा इस मौके पर डीपीओ मनोज कुमार, बाल विकास परियोजना अधिकारी पहाड़ी महेंद्र पटेल, बाल रोग विशेषज्ञ डा. एके सिंह, पिरामल स्वास्थ्य के विराग पांडेय, यूनिसेफ के कमला शंकर आदि मौजूद रहे।