फोटो 07 सीकेटीपी-14-बिना लाइफ जैकेट के नाव में सवार श्रद्धालु। संवाद
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में नौकायन सुरक्षा ताक पर है। हाल ही के दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में नाव हादसों में हुई मौतों के बाद यात्रियों की सुरक्षा के लिए नाव चालकों को लाइफ जैकेट रखने की हिदायत दी गई थी। इस पर अधिसंख्य नाविकों ने लाइफ जैकेट खरीदकर नावों पर रख लिए हैं लेकिन नौकायन में श्रद्धालुओं को जैकेट पहनाने में लापरवाही बरती जा रही है। नाव चालक उन्हें लाइफ जैकेट पहनाए बिना ही नौका विहार करा रहे हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।
गत दिनों हमीरपुर में खराब मौसम के दौरान नाव पलटने से करीब 10 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इससे पहले मथुरा और जबलपुर में भी नाव दुर्घटनाओं में कई जानें जा चुकी हैं। इन घटनाओं के बावजूद, मंदाकिनी में सुरक्षा मानकों का पालन गंभीरता से नहीं किया जा रहा है। मंदाकिनी नदी धार्मिक पर्यटन का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु नौका विहार का आनंद लेने आते हैं।
प्रशासनिक निर्देशों के बाद नाव चालकों ने लाइफ जैकेट की व्यवस्था तो कर ली है लेकिन यह देखा जा रहा है कि अधिकांश नावों में यात्रियों को जैकेट पहनाए बिना ही नदी में उतार दिया जाता है। वर्तमान में, जिले में तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी है। इस खराब मौसम के कारण नदी की धारा और जलस्तर में भी बदलाव देखा जा रहा है।
ऐसे अनिश्चित और खतरनाक हालात में बिना उचित सुरक्षा इंतजामों के नावों का संचालन श्रद्धालुओं की जान से खिलवाड़ माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर सुरक्षा नियमों की निगरानी के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। इसके अतिरिक्त, नावों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाने और बिना लाइफ जैकेट के नौकायन पर भी प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
बोले जिम्मेदार
जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि नाव चालकों को लगातार सतर्कता बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं और निगरानी भी जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यदि इसके बाद भी कोई नाविक बिना लाइफ जैकेट के नाव में क्षमता से अधिक सवारी बैठाता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।