कार्यक्रम में शिरकत करते गयाचरन दिनकर
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विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष बसपा के गयाचरन दिनकर ने कहा कि पार्टी में मुखिया मायावती को छोड़कर कोई कद्दावर नेता नहीं है। स्वामी प्रसाद मौर्य को भाजपा ने यूपी में सीएम पद का लालच दिया था, जिसके चलते उन्होंने पार्टी छोड़ी और अब वह कहीं के नहीं रहे। सपा ने भी उन्हें टिकट देने का आफर दिया था।
छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती कार्यक्रम में शामिल होने आए बसपा नेता गयाचरन दिनकर ने रगौली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा शासित गुजरात के उना में दलितों की पिटाई के मुद्दे को बसपा ने पुरजोर तरीके से उठाया।
आरोप लगाया कि वोट बैंक खिसकता देख भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने साजिश कर उस वक्त प्रदेश उपाध्यक्ष रहे दयाशंकर सिंह से बसपा मुखिया के लिए अपशब्द का प्रयोग कराया। अब फिर मामला भाजपा के लिए उल्टा साबित होगा। बसपा हर वर्ग का सम्मान करती है।
आरोप लगाया कि इसके पूर्व बसपा को कमजोर करने के लिए स्वामी प्रसाद मौर्य को भाजपा ने यूपी का मुख्यमंत्री बनाने का आफर दिया। सपा ने भी उनके परिवार को टिकट देने का लालच दिया था। जिससे उन्होंने पार्टी छोड़ी। अब दोनों दलों के पदाधिकारियों ने उन्हें सहारा नहीं दिया, जिससे वह कहीं के नहीं रहे। बसपा में कोई कद्दावर नेता नहीं है। सबका बराबर दायित्व है।
बसपा नेता गयाचरन दिनकर ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान जब बसपा की लहर थी, तब तो स्वामी प्रसाद चुनाव हार गए थे। वह कभी भी चुनाव नहीं जीते। इस बार तो जनता उन्हें करारा जवाब देगी। आरोप लगाया कि केंद्र व प्रदेश की सरकारें जनता हित के काम नहीं कर रहीं। इस मौके पर पूर्व सांसद आरके पटेल, विधायक चंद्रभान सिंह, मुमताज अली व जगदीश गौतम आदि मौजूद रहे।