भरतकूप / मानिकपुर(चित्रकूट)। कुख्यात डकैतों के खात्मे के बाद पंचायत चुनाव इस बार दस्यु प्रभावित गांवों में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से बिना भय के मतदाताओं ने वोट डाला। चुनाव में खडे़ प्रत्याशियों ने पहली बार बेखौफ होकर अपने अपने बस्ते लगाये। यह भी देखा गया कि डकैतों के परिवार के कई सदस्य चुनाव मैदान में हैं। इसे लेकर आंशिक खौफ रहा लेकिन जिला प्रशासन व पुलिस की कार्यप्रणाली के चलते इसका कहीं असर नहीं दिखा। डाकू राधे के गांव शीतलपुर तरौंहा व पहले डाकू रह चुके खडग सिंह के गांव मडैय्यन में दोपहर तक ही 50 प्रतिशत मतदान हो चुका था।
चुनाव जितने के लिए एक दूसरे पर स्पर्धा भी देखने को मिली। कई बुजुर्ग मतदाताओं ने कहा कि भइया रे अब वा जमाना नई आए.. डाकुन तो हैं नाही तो केहिकर डर। जिले के मानिकपुर सहित भरतकूप क्षेत्र में एक समय डकैतों का बोलबाला रहा है। उन्हीं के रिश्तेदारो व समर्थकों के ही बस्ते लगा क रते थे। किसी अन्य के नहीं इस बार देखने को मिला कि मानिकपुर क्षेत्र के दस्यु प्रभावित गांव डोड़ा माफी, रामपुर, कल्याणगढ़, टिकरिया, रानीपुर गिदुरहा, सहित शीतलपुर तरौहा व बड़ी मैड्यन गाव सहित भरतकूप क्षेत्र के खम्हरिया, घुरेटनपुर आदि गांव में चुनाव को लेकर खासा उत्साह रहा।बिना खौफ के मतदान किया गया। डोड़ा माफी गांव के राजू कोल, मुन्नी कोल, ने बताया कि अब डकैतों का जवाना गया अब बिना भय के वोट डाला । गौरतलब है कि शीतलपुर तरौंहा से जेल में बंद डाकू राधे के बेटे अरिमर्दन सिंह और पहले डाकू रह चुके खडग सिंह की पत्नी मायादेवी ने मडैय्यन से चुनाव लडा है। इन दोनेां गांव के बूथों में सुबह से मतदाताओं की भीड रही। ज्यादातर मतदाताओं ने कहा कि अब डकैतों का कोई भय नहीं है वह सब निश्ंिचत होकर मतदान कर रहे हैं। शीतलपुर तरौंहा में दोपहर एक बजे तक 50 प्रतिशत मतदान हो चुका था इसी प्रकार मडैययन में दोपहर दो बजे तक 50 प्रतिशत मतदान हुआ।