यात्रा में शामिल भगवान की झांकी
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अयोध्या से निकली भरत यात्रा का धर्मनगरी पहुंचने पर भक्तों ने जगह-जगह स्वागत किया। शहर के शंकर बाजार में हुए एक कार्यक्रम में संतों ने चित्रकूट में भगवान श्रीराम व भरत मिलन की कथा सुनाई।
अयोध्या धर्मनगरी के मणिराम दास की छावनी से छह नवंबर को महंत नृत्य गोपालदास महाराज के उत्तराधिकारी कमल नयन दास महाराज के नेतृत्व में यात्रा निकाली गई। यात्रा विभिन्न तीर्थ स्थल से होते हुए गुरुवार को धर्मनगरी पहुंची। जहां पर शहर के शंकर बाजार स्थित मिठाई लाल के निवास पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर अयोध्या के महंत कमल नयन दास, महंत रामशरण दास भरतयात्रा का उद्देश्य बताया।
कहा कि जब भगवान श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास हो गया था। इस पर श्रीराम, माता सीता व लक्ष्मण चित्रकूट में रहने लगे थे। उनको मनाने के लिए श्रीराम के भाई भरत अयोध्या वासियों के साथ चित्रकूट आए थे। उसी परंपरा को आज भी निभाया जा रहा है। इस मौके पर महंत मणिदास, महंत रामगोपल दास, यात्रा के व्यवस्थापक अवधेश प्राित सिंह, कमलेश सिंह, मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल पर भंडारे का भी आयोजन किया गया। शाम को भजन कीर्तन का आयोजन हुआ।
भरत यात्रा में आए श्रद्धालु दस नवंबर को कामदगिरि की परिक्रमा करेंगे । भरत मिलाप स्थल पर कार्यक्रम आयोजित होगा। इसके बाद विभिन्न तीर्थ स्थलों का दर्शन करेंगे। 11 नवंबर को हनुमानधारा, भरतकूप का दर्शन, महंत दिव्य जीवन दास के यहां भोजन करेंगे। 12 नवंबर को यात्रा चित्रकूट से प्रयाग के लिए सुबह छह बजे रवाना होगी।