पहाड़पुरवा में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन कथा वाचक बालकृष्ण भार्गव ने भागवत कथा की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि भागवत का मात्र श्रवण करने से नहीं बल्कि इसके मनन से जीव का उद्धार होता है। शनिवार को कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्म के वृत्तांत, लोकगीतों और भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया।
बालकृष्ण ने श्रोताओं को सीख दी कि कथा सुनने के बाद इससे निकली शिक्षा को जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मोक्ष का द्वार है और इससे कलियुग के जीवों का कल्याण होता है। बालकृष्ण भार्गव ने कहा कि भागवतकथा सुनने से जीव के पाप नष्ट हो जाते हैं।
उन्होंने बताया कि कृष्ण चरित्र से मानव को संदेश दिया गया है कि सबसे बड़ा आश्रम गृहस्थाश्रम है। मनुष्य को इसमें रहते हुए भी सभी कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। कथा संत शिरोमणि आनंदानंद के सानिध्य में हो रही है। इसके संयोजक देवेंद्र त्रिपाठी हैं।