चित्रकूट। जिले में रक्षा निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने को महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ-साथ अरमान और टेकओरिजन जैसी प्रमुख कंपनियों ने डिफेंस कॉरिडोर में अपनी इकाइयां स्थापित करेंगी। इसके लिए इन कंपनियों ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र का औद्योगिक विकास होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, डिफेंस नोड की स्थापना से करीब एक हजार से अधिक कुशल नौकरियों के साथ लगभग पांच हजार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ये संयंत्र उन्नत रडार और वायु रक्षा प्रणालियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे क्षेत्र की सुरक्षा क्षमता भी मजबूत होगी। बीईएल को करीब 65 एकड़ भूमि की तलाश है, जिसके लिए निरीक्षण किए जा रहे हैं। वहीं, अरमान और टेकओरिजन के लिए सभी आवश्यक कार्य पूरे हो चुके हैं। इस परियोजना के तहत स्थानीय युवाओं को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना ही रोजगार मिलेगा।
डिफेंस कॉरिडोर परियोजना के तहत पहाड़ी ब्लॉक के बकटा बुजुर्ग, पथरा, महाराजपुर सहित अन्य गांवों की कुल 813 एकड़ भूमि में से लगभग 707 एकड़ का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। चित्रकूटधाम कर्वी रेलवे स्टेशन से सीधा रेल संपर्क मार्ग, देवांगना हवाई पट्टी और बमरौली (प्रयागराज) हवाई सुविधा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के जरिए अन्य हिस्सों से कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
झांसी और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों तक आसान पहुंच भी इस क्षेत्र को कई तरह के फायदे देगी। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बताया कि इस कदम से क्षेत्र में रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिसमें बीईएल उन्नत रडार और वायु रक्षा प्रणालियों के लिए एक अत्याधुनिक सुविधा स्थापित करने के लिए 562.5 करोड़ का निवेश करेगा। इससे एक हजार नौकरियां मिलेंगी। साथ ही पांच हजार लोगों को रोजगार के अवसर सुलभ होंगे।