जिले में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर कलेक्ट्रेट समेत कई स्थानों पर कार्यक्रम व गोष्ठी कर गांधीजी के विचारों को अपनाने का संकल्प लिया गया। कलेक्ट्रेट सभागार में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का सम्मान किया गया तो कई जगह स्वच्छता अभियान चलाया गया।
जिलाधिकारी मोनिका रानी ने कलेक्ट्रेट सभागार में गांधी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर कहा कि गांधीजी व शास्त्रीजी दोनों ही महापुरुषों की अपनी-अपनी विचार धाराएं हैं। गांधीजी की सत्य व अहिंसा की धारणा आज भी लागू होती है। तब देश में अंग्रेजों का शासन था और परिस्थितियां विपरीत थीं। इसके बाद भी सत्य अहिंसा की राह पर चलकर देशवासियों को खुली हवा में सांस लेने का अवसर प्रदान कराया।
इसके पूर्व जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भुवनेश्वर प्रसाद शुक्ला को शाल व उनकी धर्मपत्नी शांतिदेवी को श्रीफल देकर सम्मानित किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ए दिनेश कुमार, सहायक कोषाधिकारी अवधेश प्रताप सिंह, मधुसूदन मिश्रा, भरत कमल, संतोष कुमार निगम, दीपा गोस्वामी, संदीप श्रीवास्तव, अशोक कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर से स्वच्छता रथ को हरी झंडी दिखाकर जिलाधिकारी ने रवाना किया। उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी रामपाल सिंह को स्वच्छता रथ के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। भारत उदय सेवा संस्था के कार्यक्रम में पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल ने विचार रखे। संस्था सचिव आशीष रधुवंशी, डॉ. सीएन सिंह मौजूद रहे।
उधर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय ग्राम बनवारीपुर, मजदूर कल्याण समिति, जन अधिकार मंच ने भी गांधी जयंती मनाई। उधर, महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्मदिन हर्ष और उल्लास से मनाया गया । कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने कहा कि कोई व्यक्ति अपने कार्यो से महान बनता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा अपनाकर समाज को एक विशेष दिशा दी है। संयोजन डा.वाई के सिंह ने किया । संचालन डा. वीरेंद्र कुमार व्यास ने किया ।