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नहीं थम रहा बुखार का कहर, 11 बीमार

Mon, 03 Oct 2016 12:41 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, चित्रकूट
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चमरौड़ी मोहल्ले में पसरा सन्नाटा व ठेलिया पर लेटा बीमार कृष। - फोटो : अमर उजाला
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बुखार से पीड़ित चमरौड़ी मोहल्ले में चार और मरीजों की मौत होने की पुष्टि ग्रामीणों ने की है। अभी गांव में एक दर्जन बुखार से पीड़ित मरीजों की हालत गंभीर है। ग्रामीण इसे डेंगू मान रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि बिना जांच इसकी पुष्टि नहीं कर सकते। शनिवार को आई स्वास्थ्य टीम दूसरे दिन गांधी जयंती बताकर नहीं पहुंची।
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गौरतलब है कि नगर पालिका क्षेत्र के राघवपुरी वार्ड़ नंबर दो के चमरौड़ी मोहल्ले में बुखार के चलते दस दिन के अंदर दस लोग दम तोड़ चुके हैं। रविवार को जब अमर उजाला की टीम मोहल्ले पहुंची तो ग्रामीणों ने बताया कि दस नहीं 15 दिन के अंदर गुड्डू पुत्र मातादीन, रन्नू पुत्री छोटा, सतीश पुत्र मुनीम और अउआ पुत्र रामसरन की भी बुखार से मौत हो चुकी है।

जिससे इस मोहल्ले में बुखार से मरने वालों की संख्या 15 दिन में 14 हो गई है। गांव के राजबहादुर पुत्र कौशल और मइयादीन पुत्र सैकू ने दावा किया कि यह डेंगू बुखार है। बीमार होने के बाद सरकारी अस्पताल की दवा से फायदा न होने पर कई मरीजों का निजी अस्पताल में इलाज कराया गया। जहां रक्त की जांच में डेंगू होने की संभावना पर कुछ मरीजों को सतना मप्र भी भेजा गया था।
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वहीं मोहल्ले के रितेश व बबलू पुत्रगण कृष्णा, छंगू पुत्र चुनकू, मुन्ना पुत्र लालमन, बल्लू पुत्र मुन्ना, भास्कर जोशी पुत्र सूरजपाल, बिट्टी पुत्री कमलेश सोनकर, कुनुआ पुत्र देवीदयाल, रवि पुत्र चंद्रपाल, कृष पुत्र मिठाईलाल और विवेक कुमार पुत्र रमेश कुमार भी बुखार से पीड़ित हैं। समाजसेवी देवीदयाल यादव और लल्लू प्रसाद ने आरोप लगाया कि शनिवार को मोहल्ले में स्वास्थ्य विभाग की टीम आई थी लेकिन रविवार को गांधी जयंती होने पर टीम नहीं आई।

प्रभारी सीएमओ डा.पीएन गोयल ने बताया कि मोहल्ले में बुखार का प्रकोप तो है लेकिन डेंगू कहना जल्दबाजी होगी। जिले में इसके जांच की सुविधा नहीं है। बुखार का इलाज कराने के लिए टीम भेजी गई है। सीतापुर अस्पताल के डाक्टरों को प्रतिदिन मोहल्ले जाने को कहा गया है। रविवार को टीम न पहुंचने की बात पर बोले, हो सकता है गांधी जयंती के अवकाश के कारण टीम न गई हो। संबंधित प्रभारी डा.लखन स्वरूप गर्ग से पूछताछ की जाएगी।
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