डकैतों की लोकेशन की जानकारी करते पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
चित्रकूटः दो शिक्षकों के अपहरण के बाद यूपी-एमपी क्षेत्र की पुलिस टीमें ज्यादातर जंगलों में काबिंग कर रहीं है। दो दिन पूर्व अपहृत शिक्षकों का कुछ भी पता नहीं चल सका है जिससे उनके परिजन भी अनहोनी की आशंका से भयभीत हैं। अपहृतों में एक शिक्षक के घर दोबारा भी फोन आया कि जल्द रुपये का इंतजाम करो।
जिले की सीमा से सटे नयागांव मप्र थाना क्षेत्र के गुप्तगोदावरी के पास थर पहाड़ स्थित शासकीय विद्यालय के दो शिक्षक फूलसिंह गौंड और रामप्रताप पटेल का शुक्रवार की शाम को घर लौटते समय अज्ञात डकैतों ने अपहरण कर लिया है। शनिवार को अज्ञात डकैतों ने दोनों शिक्षकों के घर फोन कर पांच-पांच लाख फिरौती का इंतजाम करने को कहा।
इसके बाद से पुलिस टीमें लगातार जंगल व सभी संभावित स्थानों पर सर्चिंग कर रही है। रविवार को अपहृत शिक्षक रामप्रताप के भाई विनोद ने बताया कि फिर अंजान नंबर से फोन आया था कि रुपये का इंतजाम जल्द करो नहीं तो अंजाम बुरा होगा। इसके बाद कुछ भी बोलने का मौका नहीं दिया गया और फोन काट दिया गया। जिसकी जानकारी पुलिस को दी गई है।
पूरे मामले में पुलिस टीमें भी फूंक-फूंककर कदम रख रही है। मप्र सीमा से सटे यूपी चित्रकूट के जंगलों की ओर डकैतों के मूवमेंट की जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक प्रताप गोपेंद्र व अपर एसपी बलवंत चौधरी अलग-अलग टीम बनाकर डोडा माफी से लेकर बहिलपुरवा व भरतकूप के पहाड़ों पर कांबिंग की है। मोबाइल से सर्विलांस के जरिए डकैतों की लोकेशन लेने का प्रयास भी किया जा रहा है। फिलहाल अभी कोई सफलता नहीं मिली है। उधर, अपहृत शिक्षकों के परिजनों के चेहरे में अनहोनी की आशंका पर भय दिख रहा है। हर आने जाने वालों को उम्मीद की किरण से देख रहे हैं। पुलिस टीमें भी परिजनों को ढांढस बंधाकर हर आने जाने वालों पर कड़ी निगाह रखें है।
एक सैकड़ा पुलिसकर्मी जंगल में उतरे