दस्यु अशोक कोल की मौत पर अभी भी रहस्य बरकरार है। अशोक कोल को किसने मारा, कौन इसकी रायफलें छोड़कर चला गया। इसके साथ ही बीहड़ के आसपास के गांवों में कई तरह की चर्चाएं हैं, पर अभी तक किसी पुलिस अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
मऊ थाना क्षेत्र अंतर्गत दानू बाबा की पहड़िया में बीती 20 अगस्त को 12 हजार के इनामी दस्यु अशोक कोल का शव मिला था। इसके पास से दो रायफल और 36 कारतूस बरामद हुए थे। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक पवन कुमार ने तब गैंगवार में हत्या की आशंका जताई थी।
हालांकि अभी तक अशोक कोल की मौत कैसे हुई इसके पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। बीहड़ के आसपास बसे गांवों में अशोक कोल की मौत को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। एक चर्चा यह भी है कि शिक्षकों के दुश्मन बने दस्यु अशोक कोल की हत्या उसके ही गैंग के एक सदस्य, जो अशोक का खासमखास था ने की। इसने अशोक को योजनाबद्ध तरीके से औंझर के जंगल में 20 अगस्त को आराम करने के लिए मनाया।
पूरे गैंग में नौ लोग थे। सभी वहीं पर आराम करने लगे। रात में अशोक की ही रायफल से इस बदमाश ने अशोक की हत्या कर दी। चर्चा है कि गैंग के अन्य सदस्य दहशत में सोते रहे। बताया जाता है कि इसके बाद यह बदमाश भाग निकला। भागते समय इसे एक जहरीले कीड़े ने काट लिया।
उसने मऊ में इलाज भी कराया। उधर, यह भी चर्चा है कि अशोक का पास के एक गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग था। गाहे बगाहे उसका गांव आ धमकना लोगों को पसंद न था और ग्रामीणों ने योजनाबद्ध तरीके से उसकी हत्या कर दी।