मुख्य विकास अधिकारी एनपी सिंह ने कई विकास खंडों के चयनित ग्रामों में
शौचालयों का काम अधूरा होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने जिला पंचायत राज
अधिकारी से कहा है कि वे एडीओ पंचायत को चार्जशीट बनाकर भेजें और संबंधित
गांवों के प्रधानों को नोटिस जारी करें।
उन्होंने बांदा आने-जाने
वाले अधिकारियों की मुख्यालय में शत प्रतिशत उपस्थिति तय करने को कहा।
मुख्य विकास अधिकारी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वच्छता समिति की बैठक
की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में जिला पंचायत राज अधिकारी डा.
हरिसहाय सिंह ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2013-14 में चयनित
22 डा. राममनोहर लोहिया समग्र ग्रामों में शौचालय का लक्ष्य 2792 के
मुकाबले 2752 की आईडी जारी कर दी गई है, जिसमें से 2465 का निर्माण पूरा हो
चुका है।
वर्ष 2014-15 में भी 22 समग्र गांवों में शौचालय का
लक्ष्य 2280 रखा है, जिसमें 764 का निर्माण पूरा हो गया है। निर्मल भारत
अभियान को अब स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के रूप में पुनर्गठित किया गया
है। 2280 के सापेक्ष 1665 के लिए धनराशि मिल चुकी है।
शौचालय में नौ
हजार केंद्रांश और तीन हजार रुपए का राज्यांश होता है। मुख्य विकास
अधिकारी ने 2013-14 स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति समीक्षा में पाया कि कई
विकास खंडों के चयनित समग्र गांवों में शौचालयों का काम पूरा नहीं है।
इस
पर नाराजगी दिखाते हुए उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिए
कि वह उनकी तरफ से एडीओ पंचायत को चार्जशीट बनाकर भेजें और संबंधित गांवों
के प्रधानों को नोटिस भी जारी करें।
कहा कि बांदा आवाजाही करने
वाले अधिकारियों की शत प्रतिशत उपस्थिति भी अनिवार्य कराएं। जहां जहां
आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में शौचालय ठीक नहीं हैं उनको तत्काल दुरुस्त
कराया जाए।