चित्रकूट। कोषागार में 43.13 करोड़ के घोटाले में प्रशासन सख्त है। इस घोटाले में नामजद आरोपी कोषागार के अधिकारियों-कर्मियों के बैंक खाते संचालन पर रोक लगाने के बाद प्रशासन इनकी संपत्तियों पर नजरें गड़ाए हैं। इनकी संपत्तियों की जांच तो हो रही है, साथ ही अब डीएम ने घोटाले में आरोपी विभागीय कर्मचारी, पेंशनर,पारिवारिक पेंशनर,बिचौलियों द्वारा भूमि, भवन की खरीद-फरोख्त पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध इनके आश्रितों पर भी प्रभावी रहेगा।
रविवार को डीएम पुलकित गर्ग ने कोषागार घोटाला की जांच समेत अब तक की कार्रवाई की समीक्षा की। बाद में उन्होंने उपनिबंधक कर्वी व मऊ को निर्देश दिए कि अनियमित भुगतान से संबंधित कार्मिकों,पेंशनर,पारिवारिक पेंशनर बिचौलियों तथा उनके आश्रितों द्वारा कोई भी बैनामा, इकरारनामा,बंधक,पट्टा,वसीयतनामा,मुख्तारनामा आदि पंजीकृत न करें।
समीक्षा में यह भी पाया कि मामले में आरोपी नामजदों के पास आई रकम से कई संपत्तियों की खरीद फरोख्त हुई है। इसमें उनके आश्रित व परिजन भी शामिल हैं। डीएम ने यह भी कहा कि यदि संबंधित द्वारा कोई लेखपत्र पंजीयन के लिए प्रस्तुत किया जाता है तो उससे डीएम कार्यालय को अवगत कराएं। इसके पूर्व डीएम ने शनिवार को कोषागार विभाग के आरोपी एटीओ विकास सचान, अकाउंटेंट अशोक वर्मा, रिटायर्ड एटीओ अवधेश प्रताप सिंह के बैंक खाता संचालन पर रोक लगवाई थी। अन्य पेंशनरों के खाते पर रोक जारी है।
-
अभी एक और खबर है।