फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लेखपाल के हत्यारोपी गिरफ्तार

Wed, 13 May 2015 12:01 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
विज्ञापन
विज्ञापन
 पांच दिन पूर्व लोहदा गांव में हुई लेखपाल की हत्या के मामले का मंगलवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पट्टा देने के बहाने अवैध संबंध बनाने से नाराज महिला ने अपने पूर्व प्रेमी के साथ मिलकर उसे मारा था। पुलिस ने दोनाें को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
विज्ञापन


बांदा जिले के बर्राव गांव के मूल निवासी और हालमुकाम खोही निवासी लेखपाल गऊलाल (55) का खून से लथपथ शव सात मई की रात को लोहदा गांव में एक पशुबाड़े में मिला था। सिर बुरी तरह से कुचला हुआ और शरीर में कई चोटें थीं। लोहदा में ही गऊलाल की लगभग ढाई साल पहले तैनाती हुई थी और काम ज्यादा होने पर वह यहीं एक व्यक्ति के घर पर रुक जाता था।

 एसओ मनीष जाट ने बताया कि गांव निवासी हत्यारोपी मीरा गौतम (50) पत्नी उदित नारायण गौतम को उसके घर से और उसके पूर्व प्रेमी चुनकउना उर्फ प्रेमचंद्र (35) को नांदी चौराहा लोहदा मोड़ के पास से गिरफ्तार किया गया है। चुनकउना ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि लेखपाल गऊलाल लंबे अरसे से उसे केसीसी के तहत ऋण दिलाने का झांसा दे रहा था। जबकि मीरा के साथ उसने पट्टा दिलाने का लालच देकर अवैध संबंध बना लिए थे। सात मई की रात लेखपाल मीरा के घर गया तो चुनकउना ने उसे देख लिया।
विज्ञापन


दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखकर उसका गुस्सा बढ़ गया। उसने कुल्हाड़ी की बेंत से  लेखपाल के शरीर पर कई वार किए। किसी तरह वह पशुबाड़े पहुुंचा, जहां चुनकउना ने पत्थर से गऊलाल का सिर कुचल दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर झाड़ियों के पास से मृतक के कपड़े और मोबाइल, आलाकत्ल, बरामद कर लिया है। एसओ मनीष ने बताया कि दोनों पर धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेशकर जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम में एसआई संजय सिंह, सुजीत सिंह, गजेंद्र सिंह और सिपाही मो. अनीस भी शामिल थे।

सबक सिखाना चाहते थे  
चुनकउना ने बताया कि वह लेखपाल के झांसे से परेशान था। मीरा भी रोज रोज लेखपाल के सामने पट्टे की मांग कर थक चुकी थी। चुनकउना के मीरा से अवैध संबंध थे। वे दोनों लेखपाल गऊलाल को सबक सिखाना चाहते थे, मारने का इरादा नहीं था। लेकिन पिटाई से लेखपाल के मरणासन्न होने पर पहचान लिए जाने के डर से उन्होंने उसे मौत के घाट उतारना ही सही समझा।

कड़ी से कड़ी जोड़ मिली मदद
पुलिस के अनुसार, तफ्तीश में पता चला कि मीरा गौतम का पति उदित नारायण दस साल पहले घर छोड़कर मथुरा में साधु बन गया था। इसकी पुत्री की शादी हो गई और पुत्र भी अन्यत्र रहने लगा। पूछताछ में गांववालों से कई जानकारी हासिल हुईं। कड़ी से कड़ी जोड़ने से पुलिस को खुलासे में मदद मिली। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पहले मीरा को सरकारी गवाह बनाने का इरादा था। लेकिन वह काफी देर तक पुलिस को गुमराह करती रही तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। एसओ ने बताया कि लोहदा के पहले गऊलाल बरगढ़ में तैनात था। तत्कालीन थानाध्यक्ष से जानकारी मिली कि वहां भी इसी तरह के एक मामले में गऊलाल की हत्या की साजिश हुई थी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें