चित्रकूट। मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने सोमवार को विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को नैतिकता का पाठ पढ़ाया। कहा कि चुपचाप बैठने से समस्या का समाधान नहीं होगा यदि जीवन्तता नहीं है तो आप लोग सही ढंग से कार्य नहीं कर पायेंगे। कार्य करने के लिए मेहनत करनी होगी तभी कार्य गुणवत्ता अनुसार होंगे और जनता को लाभ मिलेगा। अपने कार्यों के प्रति ध्यान दें। इसमें लापरवाही न बरतें अन्यथा पाप आपके मत्थे चिपकेगा । भगवान ने आपको अधिकारी बनाकर अच्छे कार्य करने का अवसर दिया है। उसका शत प्रतिशत प्रयोग करें।
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में मंडलायुक्त ने मनरेगा, इन्दिरा आवास, स्वास्थ्य, स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण कार्य, राष्ट्रीय अंधता निवारण, कौशल विकास योजना , जननी सुरक्षा योजना, आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण, खाद्य सुरक्षा अधिनियम समेत 50 लाख से ऊपर की योजनाओं आदि की समीक्षा बैठक की। जिसमें अधिकांश परियोजनाएं पूरी पाई गईं। जबकि कुछ परियोजनाओं में समस्या होने के कारण अधूरी हैं। मंडलायुक्त ने कहा कि यदि अधिकारी समझ से काम ले तो समस्या का निदान हर हाल में हो जाएगा।
बैठक में डीएम मोनिका रानी, एडीएम महेश चन्द्र शर्मा, सीडीओ मुजाहिदुल अहसन, उप निदेशक सूचना एसएन त्रिपाठी, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार, जिला विकास अधिकारी अजितेंद्र मिश्रा, सीएमओ डॉ. पीएन गोयल, जिला पंचायत राज अधिकारी,अधिशाषी अभियंता विद्युत, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, जल निगम, डीआईओएस, बीडीओ, सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
मंडलायुक्त एल वेंकटेश्वर लू ने कलक्ट्रेट सभागार में मॉडल सिटी से संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में संयुक्त नियोजक नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग उप्र झांसी एनके पुष्कर्णा ने बताया कि लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका परिषद चित्रकूटधाम कर्वी, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, पर्यटन विभाग, यूपी नेडा, दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड आदि विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा दिए गए प्रस्ताव एवं कार्य योजना के अनुसार मॉडल सिटी के विकास हेतु परियोजना लागत का आंकलन कर लिया गया है।
जिसमें कुल परियोजना लागत 19247.97 रुपये लाख है। मंडलायुक्त ने इस योजना से संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन विभागों ने अभी तक रिपोर्ट तैयार नहीं की वे तत्काल तैयार कर उपलब्ध करा दें। जिससे धनराशि की स्वीकृति हेतु शासन को भेजा सके।