चित्रकूट। पहाड़ी थाना क्षेत्र के अशोह गांव के पास भाजपा नेता के प्लॉट में हुए विस्फोट में जान गंवाने वाले युवक की पहचान एक सप्ताह बाद भी नहीं हो सकी है। धमाका इतना जबरदस्त था कि युवक के शरीर के चीथड़े उड़ गए। पुलिस के हाथ शव के टुकड़े ही लगे। पहचान के लिए कोई दस्तावेज या सुराग नहीं मिला जिससे जांच शिनाख्त पर ही अटक गई है।
पिछले सप्ताह अशोह गांव के पास भाजपा नेता जगदीश गौतम के प्लॉट में अचानक तेज विस्फोट हुआ था। धमाका सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो प्लॉट के अंदर एक कटा जला हुआ पैर व दूसरा खेत में मिला था। सूचना पर पहाड़ी थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए थे। प्रथम दृष्टया मामला डेटोनेटर या जिलेटिन के विस्फोट का माना जा रहा है, लेकिन विस्फोटक कहां से आया और युवक वहां क्या कर रहा था, यह रहस्य बना हुआ है।
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देश पर शिनाख्त के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। टीमें चित्रकूट के अलावा कौशांबी, फतेहपुर और मध्य प्रदेश के सतना जिले में भेजी गई हैं। सभी थानों से पिछले एक माह में गुमशुदा लोगों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। गुमशुदा युवकों के परिजनों से संपर्क कर कपड़ों और शरीर के निशानों का मिलान कराया जा रहा है। भरतकूप क्षेत्र की पत्थर खदानों में विस्फोटक का इस्तेमाल होता है। पुलिस मान रही है कि मृतक खदान में काम करने वाला मजदूर या विस्फोटक सप्लाई से जुड़ा हो सकता है। इस बिंदु पर खदानों में काम करने वाले मजदूरों का सत्यापन और संचालकों से पूछताछ की जा रही है।
बोले जिम्मेदार
शिनाख्त के प्रयास जारी हैं। शिनाख्त होने के बाद ही घटना की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।- अरुण कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक।