अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रबंध निदेशक दक्षिणांचल एसके वर्मा जिले में दो दिवसीय दौरे के दौरान जो सुधार के निर्देश दिए थे वह महज 12 घंटे के बाद ही फेल हो गया। शहर समेत सदर तहसील क्षेत्र के एक दर्जन गांव की बिजली मंगलवार को सुबह नींद खुलने के पहले ही गायब हो गई। कई घंटे तक बिजली गुल रहने के दौरान पता चला कि बनकट गंगा जी रोड पावर हाउस में केबिल में फाल्ट हो जाने से आपूर्ति बाधित रही। दोपहर को एक इलाके की बिजली आई तो दूसरे इलाके की गायब हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों के हालत में कोई सुधार नजर नहीं आया।
जिले में दो महीने से बिजली की व्यवस्था धड़ाम होने से जिले के बाशिंदों ने धरना-प्रदर्शन कर विरोध जताया था। जिसको लेकर प्रबंध निदेशक दक्षिणांचल एस के वर्मा जिले में दो दिवसीय दौरा कर बिजली विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उनके जाते ही दूसरे दिन सुबह से बिजली की आपूर्ति बंद हो गई। वही 220 केबी सब स्टेशन सरैंया से मऊ, मानिकपुर, बोड़ी पोखरी की विद्युत आपूर्ति चालू होने के बावजूद बूंदाबांदी होते ही तीनो फीडर सुबह बंद हो गये थे। बिजली विभाग के अधिशाषी अभियंता ने बताया कि बनकट गांव में पावर हाउस में के बिल में फाल्ट आ जाने के कारण बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई थी। गौरतलब है कि रविवार व सोमवार को जब एमडी जिले में पावर हाउस का निरीक्षण, ग्रामीणों से बातचीत और अधिकारियों के साथ मीटिंग कर रहे थे तब ही तीन चार बार जिले की बिजली कई घंटे के लिए गुल हुई थी।