जिले के बचे कुछ डकैतों ने पंचायत चुनाव में
दखलंदाजी बढ़ा दी है। दिन में तो पुलिस के भय से डकैत गांव नहीं आ पाते
लेकिन रात होते ही जंगल से सटे गांवों में डाकू बबुली कोल व डाकू गौरी यादव
गैंग द्वारा दहशत फैलाने की घटनाएं हो रही हैं।
पंचायत चुनाव के
प्रथम चरण में जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के चुनाव तो
शांतिपूर्ण तरीके से निपट गए थे। इस दौरान डकैतों के हस्तक्षेप की इक्का
दुक्का घटनाएं ही सामने आई थी।
दूसरे चरण में प्रधान व ग्राम पंचायत
सदस्य पद के चुनावों की घोषणा होते ही पांच ब्लाकों में तीन ब्लाक से
लगातार डकैतों के हस्तक्षेप की घटनाएं सामने आ रही हैं। मऊ व रामनगर ब्लाक
का मतदान शांतिपूर्ण संपन्न होने के बाद पहाड़ी ब्लाक क्षेत्र में डाकू
गौरी यादव व डाकू गोप्पा यादव ने स्वजातीय प्रत्याशियों को जिताने के लिए
दहशत फैलाई।
इसके बाद सदर ब्लाक के दस्यु प्रभावित भरतकूप व मध्यप्रदेश की
सीमा से जुडे़ कुछ गांवों में अज्ञात असलहाधारियों ने ग्रामीणों को
धमकाया। इसमें कई बार डाकू बबुली कोल गैंग का भी नाम आया।
ढाई
लाख के ईनामी डाकू बबुली कोल गैंग से पुलिस की एक माह के अंदर दो बार
मुठभेड़ हो चुकी है। दोनों मुठभेड़ पंचायत चुनाव के दौरान ही हुई है। इसके
अलावा डकैत गौरी यादव गैंग से तो पुलिस एक महीने में चार बार आमना-सामना कर
चुकी है। हर बार पुलिस टीम फायरिंग कर खाली हाथ लौट आती है।
अपर
पुलिस अधीक्षक आर डी चौरसिया ने बताया कि पहाड़ी ब्लाक क्षेत्र में कुछ
डकैतों के परिजन चुनाव लड़ रहे थे। अब मानिकपुर ब्लाक क्षेत्र के भी कुछ
गांव में डकैतों के परिजन चुनाव मैदान में हैं। उनको जिताने के लिए
योजनाबद्ध तरीके से दहशत फैला रहे हैं।
इसे कतई सफल नहीं होने दिया जाएगा।
जंगलों में लगातार पुलिस कांबिंग कर रही है। मतदान के एक दिन बूथों के
आसपास कड़ी पुलिस व्यवस्था की जाएगी।