चित्रकूट। लखनऊ से आई भजन एवं लोक गीत गायिका तृप्ति शाक्या कभी राम बन के कभी श्याम बनके आएंगे रामलाला गीत सहित लोकगीत की प्रस्तुति दी। नई दिल्ली की डॉ. समीक्षा शर्मा ने कथक नृत्य से समा बांध दिया।
कलाकार रघुवीर यादव श्रीराम के दर्शन के लाने तरसत हति नजरिया, मैया खोल दो द्वार की किंवरिया और तनक ढका के लानै इतनी कर दै काए सला रघुनंदन लला की प्रस्तुतियोंं ने दर्शको को झूमने पर मजबूर कर दिया। रामाधीन आर्या मऊरानीपुर ने वंदन अभिनंदन बारंबार, नमन कर इस चित्रकूट की धरती को प्रसतुत कर श्रोताओं को भावविभोर किया। मुंबई के भजन गायक अजय मिश्र भजन प्रस्तुत किया। प्रयागराज की सुजाता केशरी के लोकनृत्य ने दर्शकों का मन मोहा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन डा. घनश्याम अवस्थी ने किया।