चित्रकूट। परिषदीय स्कूलों की व्यवस्थाएं अब धीरे-धीरे सभी ऑनलाइन हो रही हैं। सभी स्कूलों के लिए बार कोड बनाने की तैयारी की जा रही है। कोड से पता चलेगा कि बच्चा स्कूल पढ़ने जा रहा है या नहीं। साथ ही शिक्षक भी अपनी खराब व्यवस्थाओं को बढ़ा-चढ़ाकर भी नहीं दिखा पाएंगे। हर कोई स्कैन कोड से इसकी जानकारी देख सकेगा।
जनपद में 1262 परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालय हैं। इसमें 1 लाख 16 हजार 467 बच्चे पंजीकृत हैं। इन्हें शिक्षा देने के लिए 5334 शिक्षामित्र, अनुदेशक, शिक्षक व प्रधानाध्यापकों की तैनाती है। स्कूलों की शिकायतें लगातार शासन से हो रही हैं। जिस पर शासन ने स्कूलों की पारदर्शिता लाने के लिए क्यूआर कोड बनाने की फैसला लिया।
इसमें बच्चों की शिक्षा की प्रगति, स्कूल की व्यवस्था, एमडीएम, खेल मैदान, शिक्षकों की उपस्थिति सहित अन्य चीजें ऑनलाइन होगी। कोड को स्कैन कर काेई भी स्कूल की व्यवस्थाओं को देख सकेगा। इसके अलावा शिक्षक समय से स्कूल पहुंच रहे हैं या नहीं, कक्षा में बैठ कर शिक्षा देते हैं या नहीं, एमडीएम बनता है या नहीं। इसकी पूरी जानकारी कोड के माध्यम से देखी जा सकेगी। इसके लिए स्कूलों का क्यूआर कोड बेसिक शिक्षा विभाग जारी करने की तैयारी में है। पहले चरण में परिषदीय विद्यालय और इसके बाद निजी और एडेड स्कूलों का क्यूआर कोड जारी होगा।
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बोले जिम्मेदार
इस कोड से बच्चों की अपार आईडी के साथ ही यह भी पता चलेगा कि जिस कक्षा में बच्चे का नामांकन होना है। उस कक्षा में कितने छात्रों का नामांकन और हो सकता है। सीट खाली है या नहीं इसकी जानकारी लेकर नामांकन करा सकते हैं।-शशांक शेखर शुक्ला, मुख्यालय बीईओ।
सभी विद्यालयों का क्यूआर कोड बनाया जाएगा। इसकी प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। पहले चरण में सभी परिषदीय विद्यालयों का कोड बनाया जाएगा। इसके बाद अन्य विद्यालयों में यह प्रक्रिया शुरू होगी।- बीके शर्मा, बीएसए।