राजापुर/पहाड़ी। 24 घंटे की राहत के बाद यमुना और मंदाकिनी नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है।
मंगलवार दोपहर जलस्तर बढ़ने से तिरहार क्षेत्र का प्रमुख मार्ग अर्की रपटा करीब तीन फीट पानी में डूब गया। रपटा डूबते ही आवागमन पूरी तरह बंद हो गया, जिससे तिरहार के एक दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क राजापुर तहसील मुख्यालय से कट गया है।
पुलिस ने सुरक्षा के चलते दोपहिया और चार पहिया वाहनों की आवाजाही रोक दी है। उधर मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात और गंभीर हो गए हैं। मोहरवां और चनहट रपटा के ऊपर करीब आठ फीट पानी बह रहा है। दोनों मार्ग पूरी तरह बंद हैं।
मोहरवां रपटा बंद होने से मोहरवां, अर्जुनपुर, बछरन, प्रसिद्धपुर, नोनार, पहाड़ी और कर्वी की ओर जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं चनहट मार्ग बंद होने से अनीपुर कछिया, गनीवा, बूढ़ा, सेमरवार, रगौली सहित कई गांव प्रभावित हैं।
उधर, पहाड़ी क्षेत्र में पनौटी से लोहदा मार्ग पर बना रपटा मंदाकिनी में आई बाढ़ में बह गया है। इससे पनौटी, अरछा बरेठी, बरद्वारा, मिर्जा हकीमपुर, तीर धुमाई, सुरसेन सहित दस से अधिक गांवों का आवागमन बंद हो गया है। ग्रामीण विवेक सिंह, राजू ने बताया कि रपटा बहने से आवाजाही ठप है। ग्रामीणों को बाजार और अस्पताल आने-जाने में भारी दिक्कत हो रही है।
प्रशासन अलर्ट, पुराना पुल खोला गया
राजापुर। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है। संवेदनशील रपटों पर पुलिस तैनात कर दी गई है। मोहरवां में तेज बहाव को देखते हुए एहतियात के तौर पर पुराने पुल को दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए फिर से चालू किया गया है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली है। उप जिलाधिकारी पूजा गुप्ता ने बताया कि यमुना और मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। (संवाद)