तिरहार क्षेत्र में ढीले और जर्जर बिजली के तार
जानलेवा साबित हो रहे हैं। इन तारों से आए दिन हादसे हो रहे हैं। कभी इनकी
चपेट में आकर मवेशियों की जान जा रही है तो कभी ग्रामीणों की। पिछले दिनों
खटवारा गांव में करंट से युवा किसान की जान चली गई थी।
तिरहार
क्षेत्र के लोग बिजली विभाग की लापरवाही से परेशान हैं। बीस जुलाई को
खटवारा के सुशील कुमार तिवारी की मौत हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि
हाईटेंशन तार क्लैंप के पास से टूटकर खंभे के सपोर्ट में छू गई थी, जिससे
खंभे में करंट उतर आया था।
खंभा छूने से किसान की मौत हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि इसके बाद विभाग ने बिजली ठप कर दी पर इसे दुरुस्त
नहीं किया। किसानों ने राजापुर विद्युत उपकेंद्र पहुंचकर जानकारी भी दी पर
कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि अगर यही हाल रहा तो वे आंदोलन करेंगे।
वीरेंद्र
पटेल ने बताया कि मलवारा गांव में हाईटेंशन लाइन के तार जमीन से बमुश्किल
छह फीट ऊंचाई पर लटक रहे हैं। खेतों की जुताई करते समय तार ट्रैक्टर की
छतरी से छू जाते हैं। इस कारण जुताई से पहले विभाग से शट डाउन लेना पड़ता
है। बार-बार शिकायत के बाद भी विभाग तारों को कसवा नहीं रहा है।
राममूरत,
नामदेव, उदयवीर, धनराज, धीरज, राहुल, शारदा, सोनू, विजयपाल, छोटेलाल, अरुण
तिवारी का कहना है कि किसान की मौत के बाद भी कोई अधिकारी जानकारी लेने
मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों ने जेई पर आरोप लगाया कि वह कभी फोन नहीं
उठाते। यदि कभी उठा भी लिया तो ठीक से बात तक नहीं करते।