चित्रकूट। एससी-एसटी एक्ट की विशेष न्यायाधीश गीता सिंह की अदालत ने रास्ते के विवाद में एफआईआर दर्ज कराने की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने मामले को सिविल विवाद मानते हुए परिवाद के रूप में चलाने का आदेश दिया है। मामला कर्वी कोतवाली क्षेत्र का है।
शिकायतकर्ता उर्मिला ने आरोप लगाया था कि विपक्षी पहलवान और उसके भाइयों ने उनके संपर्क मार्ग पर कब्जा कर जातिसूचक गालियां दीं। पुलिस जांच में आवेदिका द्वारा रास्ते पर कब्जे की बात सामने आई। पुलिस के अनुसार, यह विवाद जानवरों के निकलने से होने वाले कीचड़ को लेकर है, कोई मारपीट या गाली-गलौज नहीं हुई।
अदालत ने माना कि शिकायतकर्ता सीधे साक्ष्य पेश कर सकती है, पुलिस विवेचना अनावश्यक है। हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए अर्जी को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया गया। अगली सुनवाई दो दिसंबर 2026 को बयान के लिए होगी। (संवाद)