चित्रकूट। जिले में रबी की फसलों को मौसम की मार झेलनी पड़ रही है। घने कोहरे के कारण जहां सरसों की फसल में माहू कीट का प्रकोप बढ़ रहा है, वहीं मटर की फलियों में फफूंद लगने की समस्या किसानों के लिए चिंता का सबब बन गई है। इससे फसल की गुणवत्ता और उपज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
कृषि विभाग के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष रबी फसलों की बोआई का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है, बल्कि कुछ फसलों में तो लक्ष्य से अधिक बोआई हुई है। सरसों की फसल के लिए 13755 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित था, जबकि किसानों ने 13760 हेक्टेयर में इसकी बोआई की है। इसी प्रकार, मटर फसल के लिए 700 हेक्टेयर की जगह किसानों ने 710 हेक्टेयर में बोआई की है। हालांकि, लक्ष्य की पूर्ति के बावजूद मौसम ने मुश्किलें खड़ी कर रही हैं।
जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ला ने बताया कि कोहरे का फसलों पर सीधा असर पड़ रहा है। सरसों की फसल में माहू कीट का प्रकोप है। राजापुर क्षेत्र में लगभग 15 हेक्टेयर की सरसों की फसल में माहू कीट का प्रकोप देखा गया है। वहीं, मटर की फसल में फफूंद के कारण फलियां सड़ सकती हैं और उनकी गुणवत्ता खराब हो सकती है। हालांकि, कृषि विभाग की टीमों द्वारा किए गए शुरुआती सर्वे में मटर की फसल में फफूंद का संक्रमण अभी व्यापक रूप से नहीं फैला है, लेकिन कोहरे के बने रहने से इस खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता।