चित्रकूट। परिषदीय व माध्यमिक स्कूलों के बाद अब महाविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे छात्र-छात्राओं की भी अपार आईडी बनेगी। जिन छात्रों के पास अपार आईडी होगी, उन्हें ही छात्रवृत्ति और टैबलेट मिलेगा। बिना अपार आईडी के इससे वंचित रह कर दिए जाएंगे। ये व्यवस्था वर्तमान सत्र से ही लागू कर दी गई है। छात्र भी स्वयं अपार आईडी बना सकेंगे।
पहले महाविद्यालयों में संचालित प्रोफेशनल कोर्स में भी अपार आईडी बनवाना अनिवार्य किया गया था लेकिन बीए, बीएससी जैसे कोर्स को भी शामिल कर दिया गया है। अपार आईडी में छात्रों का शैक्षणिक ब्योरा डिजिटल रूप में दर्ज हो जाता है। एक क्लिक पर यह ब्योरा देखा जा सकता है। योजना को सफल बनाने के लिए अब टैबलेट वितरण जैसे कार्यक्रमों को भी इससे जोड़ दिया गया है।
जिस छात्र-छात्रा की अपार आईडी नहीं बनी होगी, उसका नाम टैबलेट वितरण की सूची से हटा दिया जाएगा। बेड़ी पुलिया स्थित महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश ने बताया कि इसी सत्र से सभी छात्र-छात्राओं के लिए अपार आईडी बनाना अनिवार्य कर दिया गया है।
-
30 महाविद्यालयों में 20 हजार विद्यार्थी पंजीकृत
बेड़ी पुलिया व मानिकपुर में राजकीय महाविद्यालय हैं। इसके अलावा कालूपुर पाही में पीपीडी मॉडल पर एक महाविद्यालय और एक मऊ में अशासकीय महाविद्यालय है। साथ ही 26 निजी महाविद्यालय संचालित हैं। इन महाविद्यालय में करीब 20 हजार छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। अपार आईडी बनने के बाद छात्र को केवल ही जगह से योजना का लाभ मिलेगा। एक साथ एक ही कॉलेज से शिक्षा ग्रहण कर सकेगा।
-
ऐसे बनाएं अपार आईडी
छात्र-छात्राएं खुद ही अपनी अपार आईडी बना सकते हैं। इसके लिए उन्हें गूगल पर एबीसी आईडी लिखकर सर्च करना होगा। इससे एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स की वेबसाइट आ जाएगी। इस पर क्लिक कर लॉग-इन पर जाएं। यहां अपनी कोई भी एक पहचान आईडी आधार, पैन, ड्राइविंग लाइसेंस आदि का चयन करें। आईडी दर्ज करने के बाद संबंधित मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी भरते ही साइन-इन पर क्लिक करें। 12 अंकों की अपार आईडी बनकर तैयार हो जाएगी। इसे महाविद्यालय में जमा कर दें।