चित्रकूट। कोषागार घोटाले में नामजद महिला आरोपी की अग्रिम जमानत की सुनवाई कर सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने उसे खारिज कर दिया। उनके खाते में 13.35 लाख रुपये की धनराशि आई थी और बिचौलियों और कोषागार कर्मियों की मिलीभगत से उसका बंदरबांट कर लिया। यह मामला कर्वी कोतवाली क्षेत्र के ब्यूर निवासी विमला देवी से जुड़ा है।
जिला शासकीय अधिवक्ता श्याम सुंदर मिश्रा ने बताया कि ब्यूर की निवासी विमला देवी कोषागार घोटाले में नामजद हैं। एसआईटी जांच रिपोर्ट के अनुसार उनके भारतीय बैंक खाते में 27 अगस्त 2024 से 13 जनवरी 2025 के बीच दो बार में कुल 13 लाख 35 हजार 798 रुपये की अनियमित धनराशि कोषागार से निकाली गई। यह रकम दलालों और कोषागार कर्मियों की सांठगांठ से आहरित की गई थी। जांच एजेंसी के अनुसार यह धनराशि चेक और सेल्फ के माध्यम से बैंक से निकाली गई और फिर आपस में बांटी गई।
सुनवाई में अपराध शाखा ने अदालत को बताया कि इन सभी ने मिलकर धन का बंदरबांट किया है। जांच एजेंसी ने यह भी कहा कि मामले में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। मामले में सभी तथ्यों को देख न्यायाधीश ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी।