चित्रकूट। सत्र न्यायालय शेषमणि ने मारपीट और जान से मारने की धमकी के मामले में आरोपी विवेक द्विवेदी को अग्रिम जमानत दे दी है। आरोपी पर 11 मई 2025 को रजमंडलधर द्विवेदी और उनके भाई अभयधर द्विवेदी को लाठियों से पीटने का आरोप था। अभियोजन के अनुसार मऊ थाना क्षेत्र के परदवां निवासी रजमंडलधर द्विवेदी 11 मई 2025 को कोटा दुकान पर राशन वितरित कर रहे थे। तभी गांव के आशीष द्विवेदी, विवेक द्विवेदी, बोदाराम व यश द्विवेदी, सनी दुकान पर आए और उसके पिता व भाई से मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस प्राथमिकी दर्ज की थी। इस मामले में आरोपी विवेक द्विवेदी के अधिवक्ता ने न्यायालय में जमानत अर्जी डाली थी। मेडिकल रिपोर्ट में चोटें साधारण पाई गईं। विवेक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। अन्य सह-आरोपियों को भी पहले जमानत मिल चुकी है। अदालत ने विवेक को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि की एक जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।(संवाद)
मारपीट में दो आरोपियों को अग्रिम जमानत
चित्रकूट। सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने मारपीट के मामले में आरोपी रुक्मिणी और मोतीलाल को अग्रिम जमानत दे दी है। दोनों पर दिलखुश नामक व्यक्ति से मारपीट का आरोप था।
रैपुरा थाना क्षेत्र के लौरा मजरा कुर्मी का पुरवा निवासी दिलखुश ने 26 अप्रैल 2025 को रैपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि पानी भरने से रोकने पर रुक्मिणी ने गाली-गलौज की। इसके बाद मोतीलाल ने लाठी से हमला कर उसके सिर में चोट पहुंचाई। इस मामले में आरोपियों के अधिवक्ता ने जमानत अर्जी डाली थी। अदालत ने पाया कि दिलखुश की चोटें सामान्य थीं। डॉक्टर की रिपोर्ट में उसके हाथ में कोई फ्रैक्चर नहीं पाया गया। जमानत के लिए पचास हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और इतनी ही राशि की एक-एक जमानत दाखिल करनी होगी।