चित्रकूट। जिला जेल में शार्प शूटर अंशू दीक्षित के हाथों ईद के दिन गैंगवार में मारे गए कुख्यात अपराधी मेराज अली ने भी जेल अस्पताल में कोरोना का टीका लगवाया था। बताया जाता है कि जिस वक्त मेराज को टीका लगाया जा रहा था, उसी वक्त खुद के भी टीकाकरण को लेकर अंशू दीक्षित ने जमकर बवाल काटा था। उसका कहना था कि उसको भी कोरोना का टीका लगाया जाए, लेकिन उसका नाम सूची में न होने पर स्वास्थ्यकर्मियों ने उसे टीका नहीं लगाया था।
इस दौरान मौके पर पहुंचे जेल स्टाफ ने अंशू के कागज चेक किए और कमियां बताकर टीका लगाने से मना कर दिया था। मेराज को बृहस्पतिवार (20 मई) को टीके की दूसरी डोज लगनी थी। चित्रकूट के रगौली जिला जेल में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए शार्प शूटर अंशू दीक्षित की मनमानी जमकर चलती थी।
सूत्रों के अनुसार, जब से मेराज अली को चित्रकूट जेल भेजा गया था, तब से अंशू दीक्षित अक्सर सुबह और शाम को बैरक के बाहर निकलकर मेराज के साथ ही देखा जाता था। यहां तक कि पूर्व सेटिंग के चलते ही दोनों अक्सर जेल अस्पताल के पास भी देखे जाते थे।
दिन में बैरक व रात में अस्पताल के बेड में रहते थे। बताया गया कि मेराज अली को कोरोना टीके की पहली डोज लगाई गई थी बृहस्पतिवार को दूसरी डोज लगनी थी। इसके अलावा कई अन्य बंदियों को भी मेराज के साथ कोरोना वैक्सीन का टीका लगाया गया था। जिस वक्त अंशू टीका लगवाने की जिद कर रहा था, उस समय बंदी रक्षकों ने पहुंचकर अगली सूची में नाम लिखवाने की बात कहकर शांत करा दिया था। (संवाद)