जिले में अन्ना प्रथा पर अंकुश लगाने के लिए चारागाह योजना कारगर साबित हो सकती है। चारागाह निर्माण के लिए गांव में पर्याप्त भूमि है और मनरेगा से काम कराए जाने से मजदूरों को भी काम मिलेगा। चारागाह एवं विकास के लिए कार्यशाला में डीएम मोनिका रानी ने कहा कि इस क्षेत्र में काम की शुरुआत जल्द की जाएगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों, पशु पालकों, कृषकों, वैज्ञानिकों की मौजूदगी में चारागाह एवं विकास के लिए कार्यशाला का आयोजन हुआ। जिसमें डीएम ने कहा कि अन्ना प्रथा जिले में बढ़ रही है, क्योंकि यहां पर जो भी नस्लें हैं उन नस्लों में दूध का उत्पादन बहुत कम है। उन्होंने कहा कि चारागाह में अतिक्रमण है जिसे हम मुक्त कराकर मनरेगा के तहत काम कराएंगे।
ग्राम पंचायतों में दस महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बनाया गया है जो इस कार्य को संचालन में सहयोग करेगा। कार्यशाला में झांसी से आए वैज्ञानिकों ने चारागाह के विकास के बारे में जानकारी दी। कहा चारागाह के सुधार के लिए पहले इसकी स्थापना की जाए। इसके चारों ओर कटीली झाड़ियां बनाई जाए। वैज्ञानिकों ने कहा कि यदि कोई समस्या हो तो काल सेंटर 0510-720241 एवं मोबाइल नंबर 9451169021 पर काल करके किसान अपनी समस्याओं का निदान करा सकते हैं।